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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ही दिन में कर दिया 541 मामलों का निपटारा, आम लोगों को मिले 19 करोड़ रुपये

उच्च न्यायालय इलाहाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित किया गया। इस दौरान 541 ममाले निस्तारित किए गए। सुलह समझौते के आधार पर पक्षकारों को प्रतिकर की धनराशि भी दिलाई गई।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ही दिन में कर दिया 541 मामलों का निपटारा, आम लोगों को मिले 19 करोड़ रुपये

हाईकोर्ट इलाहाबाद में आयोजित लोक अदालत में उपस्थित मुख्य न्यायमूर्ति

प्रयागराज। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर, मुख्य संरक्षक उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता अध्यक्ष उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के निर्देशन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य न्यायमूर्ति के निर्देश पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद में पांच लोक अदालत पीठ का गठन किया गया था। जिसमें न्यायमूर्ति नीरज तिवारी, न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित, न्यायमूर्ति विकास, न्यायमूर्ति अनीस गुप्ता और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की पीठ द्वारा कुल 541 वादों का निस्तारण किया गया। आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित मामलों में उच्च न्यायालय द्वारा पक्षकारों को कुल 19,14,24,645 रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में दिलाई गई।

काफी दिनों से लंबित चल रहे विवादों के निस्तारण पर लोगों ने राहत की सांस ली। साथ ही कइयों के चेहरे खिल गए। मुख्य न्यायमूर्ति ने कहा कि विवादों के सुगम और सरल तरीके से निस्तारण के लिए लोक अदालत है। यहां सुलह समझौते से निस्तारित वाद अंतिम होते हैं। इसमें किसी भी पक्षकार की जीत हार नहीं होती है। इसका उद्देश्य सबको आसानी से न्याय देना है।

लोक अदालत में वादकारी महिला से बात करते मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर IMAGE CREDIT: