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अनोखी है इस मेयर की लव स्टोरी, 10वीं पास लड़के से ऐसे रचाई थी शादी

जानिए इस मेयर की पूरी लव स्टोरी, कैसे रचाई थी शादी

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Abhilasha Gupta

अभिलाषा गुप्ता

इलाहाबाद. इलाहाबाद की नई मेयर अभिलाषा गुप्ता ने अपनी जीत बरकरार रखते हुए दूसरी बार इलाहाबाद की मेयर चुनी गई है। इस बार भाजपा के टिकट से चुनाव जीता है। अभिलाषा गुप्ता के पति नंदगोपाल गुप्ता नंदी योगी सरकार में मंत्री हैं। जीत के बाद अभिलाषा गुप्ता ने कहा कि सीएम योगी के आशीर्वाद से ये जीत हासिल हुई है। अभिलाषा गुप्ता लगातार दूसरी बार इलाहाबाद की मेयर बनी हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अभिलाषा गुप्ता और उनके पति नंद गोपाल नंदी बहुजन समाज पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे।

अभिलाषा एक ब्राम्हण परिवार से हैं और इन्हें नंद गोपाल नंदी से प्यार हो गया था। जब अभिलाषा ग्रेजुएशन की छात्रा थी उस समय अफेयर नंद गोपाल से हो गया था। दोनों एकदूसरे के प्यार में डूबे थे, लेकिन घरवाले उनके खिलाफ थे। नंद गोपाल ने 10वीं पास करने के बाद ही पढ़ाई छोड़ दी थी। वो खुद का बिजनेस जमाने की कोशिशों में लगे थे। नंद गोपाल नंदी और अभिलाषा मिश्रा के घर की दूरी महज 500 मीटर की थी।

दोनों को भागकर रचानी पड़ी थी शादी
अभिलाषा का ब्राह्मण परिवार यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था कि उनकी लड़की एक गुप्ता लड़के से प्रेम संबंध रखे। घरवालों का विरोध देखते हुए दोनों ने भागकर शादी करने का फैसला लिया। 2 साल के अफेयर के बाद 1995 में नंदी अभिलाषा को लेकर भाग गए और शादी कर ली। इनके तीन बच्चे हैं। उनके बड़े बेटे का नाम अभिषेक, छोटे बेटे का नाम नमन और बेटी का नाम जहान्वी है।

50 पैसें में फिल्म दिखाने का बिजनेस करते थे नंद गोपाल नंदी
घर वालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। इसलिए उन्होंने नंदी और अभिलाषा से संबंध खत्म कर लिए। समय के साथ घरवालों ने इनके प्यार को समझा और अब दोनों परिवार हंसी-खुशी रहते हैं। 50 पैसे लेकर फिल्म दिखाने का बिजनेस करते थे। नंद गोपाल के करीबियों के मुताबिक उनकी शुरुआती लाइफ गरीबी में कटी है। 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले नंदी को बिजनेस जमाने का जुनून था। वे शुरुआत में बहादुरगंज की गलियों में बच्चों को ब्लैक एंड व्हाइट टीवी पर 50 पैसे में फिल्में दिखाते थे।

88 करोड़ से अधिक के मालिक हैं नंदगोपाल नंदी
नंद गोपाल नंदी 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी से चुनाव मैदान में उतरे थे। इससे पहले वो बहुजन समाज पार्टी में भी रहे हैं और मायावती की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। आज नंद गोपाल 88 करोड़ रुपए के मालिक हैं। बिजनेस के अलावा वे पॉलिटिक्स में भी एक्टिव रहे हैं। 2007 में वे मायावती सरकार में मंत्री बनाए गए थे।

नंद गोपाल नंदी का राजनीतिक सफर
नंद गोपाल नंदी वर्तमान में यूपी की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार में स्टाम्प और नागरिक उड्डयन मंत्री हैं। नंद गोपाल नंदी साल 2007 में बीएसपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव में उतरे और विधायक बने। उस समय उन्होंने भाजपा के बड़े नेता केशरी नाथ त्रिपाठी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी को हराया। विधानसभा में शानदार जीत के बाद नंद गोपाल नंदी को मायावती की सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। 2012 में नंद गोपाल नंदी एक बार फिर बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े, हालांकि इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2014 के आम चुनाव में नंदी कांग्रेस पार्टी से मैदान में उतरे लेकिन सफलता नहीं मिली।