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नगर निगम ने महादेवी वर्मा के नाम पर जारी किया कुर्की नोटिस, पन्द्रह दिन में हाजिर होने का आदेश ….

ज्ञानपीठ से पुरस्कृत और यूपी विधानपरिषद की मनोनीत सदस्य रही महादेवी वर्मा

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 Mahadevi Verma

महादेवी वर्मा के नाम पर जारी किया कुर्की नोटिस

इलाहाबाद देशभर में इलाहाबाद को साहित्यिक राजधानी के रूप में स्थापित करने वाली प्रख्यात शख्सियत साहित्य जगत की अमिट हस्ताक्षर महीयसी महादेवी वर्मा के नाम सरकारी अमले ने एक नोटिस जारी किया है। जिसके बाद से साहित्य जगत के साथ एक बड़ा समुदाय सरकारी विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए तत्काल कार्यवाही की मांग कर रहा है। जिसे साहित्य जगत ने अपना अगुवा माना और दुनिया भर में हिंदी साहित्य को पहुचाने में अहम योगदान देने वाली पुरस्कार ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त उत्तर प्रदेश की पूर्व विधान परिषद की मनोनीत सदस्य रही महादेवी वर्मा के खिलाफ अधिकारियों की शर्मनाक हरकत सामने आई है।

महादेवी वर्मा इलाहाबाद अशोकनगर के नेवादा स्थित आवास में रहा करती थी। जो कभी सूर्यकांत त्रिपाठी सुमित्रानंदन पंत हरिवंश राय बच्चन जैसे महान साहित्यकारों और लेखकों का घर ठिकाना हुआ करता था।महादेवी का आँगन साहित्यकारों का मायका कहा जाता था। उस घर के खिलाफ कुर्की की नोटिस जारी करने की शर्मनाक काम किया है। बता दें कि महादेवी वर्मा अपने जीवन काल में ही अपनी संपत्ति को एक ट्रस्ट बना दिया था। उसके बावजूद अधिकारियों को यह भी नहीं पता कि उनकी प्रॉपर्टी आज भी उनके नाम हैं, या किसी ट्रस्ट के नाम है । उसका केयरटेकर कौन है।

महादेवी वर्मा 31 वर्ष पहले इस शहर और इस संसार को अलविदा कह गई । उनकी मृत्यु के तीन दशक बाद नगर निगम के निर्देश ने पूरे शहर और शासन के कामकाज की प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है। नगर निगम ने महादेवी वर्मा के नाम पर 48000 रूपय का कर बकाया दिखाते हुए, नोटिस जारी की नोटिस में महादेवी वर्मा को नगर निगम में पेश होने का आदेश दिया गया है । इस नोटिस की जानकारी मिलने के बाद साहित्य जगत से जुड़े लोगों के अलावा आम लोग भी खासे नाराज है।लोगो का कहना है कि सभ्यता संस्कृति और समाज को संजोने की बात करने वाली सरकार में उसके अधिकारियों के इस कारनामे से उनकी कार्यप्रणाली की हकीकत समझ में आती।

नगर निगम द्वारा कर अधीक्षक के हस्ताक्षर वाली नोटिस में कहा गया है कि महादेवी वर्मा नोटिस तामील होने के 15 दिन के अंदर गृहकर जमा करें नहीं तो प्रशासन कुर्की करेगा ।टैक्स विभाग की ओर से 4 नवंबर 2017 को नोटिस भेजी गई थी । इसमें कहा गया है कि नवादा अशोक नगर स्थित मकान नंबर 327/114 पर 48050 रुपए का टैक्स बकाया है इसमें 28172 रुपए बकाया है और 16644 रुपए इसका ब्याज लगाया गया है।

साहित्यकार यश मालवीय ने कहा की दुनिया भर में विख्यात सहित्यकार को इलाहाबाद के अधिकारी नही जानते ।ऐसे लोगो के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए ।महादेवी वर्मा एक महान शख्सियत थी ।उनके नाम का भी सम्मान नही कर सके अधिकारी ।तो वही इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षक और साहित्यकार धनजय चोपड़ा ने कहा की इससे बड़ी शर्म की बात क्या होगी की अधिकारी महादेवी के शहर में रह कर उन्हें ही नही जानते शहर में उन्ही प्रतिमा स्थापित है ।उनके नाम से कई बड़े आयोजन होते है ।इसके बावजूद इस तरह की हरकत समझ से पर है यह उनका अपमान है । तत्काल नोटिस रद्द की जाने चाहिए ।