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रीता बहुगुणा जोशी का रिपोर्ट कार्डः सांसद निधि का इस्तेमाल नहीं कर पाईं, पौने तीन करोड़ बचे रह गए

इलाहाबाद सांसद रीता बहुगुणा जोशी सिर्फ सवाल पूछने में सबसे आगे रहीं। उन्होंने कुल 310 सवाल पूछ डाले। जबकि संसद में सवाल पूछने का नेशनल एवरेज 210 है और यूपी के सांसदों ने औसतन 151 सवाल ही पूछे हैं। लेकिन बाकी पैमानों पर रीता पिछड़ते नजर आईं।

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तारीख थीं 20 जुलाई और साल था 2009 रीता बहुगुणा जोशी कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष थीं। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ ऐसी टिप्पणी की, बसपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बसपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ के अति सुरक्षित इलाके में स्थित उनके घर पर पहुंचकर उसमें आग लगा दी। रीता बहुगुणा जोशी ने जब अपने जले हुए घर की स्थिति देखी तो उनके भावों को कैमरों ने कैद कर लिया था। वे राजनीतिक लड़ाई के घर तक पहुंचने से निराश और आक्रोशित थीं। रीता के राजनीतिक कैरियर की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है। हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी बदली और बीजेपी के टिकट पर 2019 चुनाव जीतीं। इसके बाद क्या हुआ, वो आपको उनके रिपोर्ट कार्ड में दिखेगा।

रीता बहुगुणा की डिबेट में हिस्सेदारी 28
डिबेट में हिस्सा लेने का नेशनल एवरेज 46.1
यूपी के सांसदों का एवरेज 60.2
सोर्सः पीआरएस

पूर्वी यूपी से दक्षिणी हरियाणा तक रेल कनेक्टिविटी की मांग और बच्चों की देखभाल और संरक्षण और पर रहा फोकस।

-पूर्वी यूपी से दक्षिणी हरियाणा तक रेल कनेक्टिविटी की मांग
-दूरदर्शन के एनालॉग ट्रांसमीटरों के उन्नयन एवं डिजिटलीकरण के संबंध में
-किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2021
-सरकार से अनुरोध. रक्षा औद्योगिक गलियारे को NH-35 से जोड़ना

रीता बहुगुणा जोशी ने कुल सवाल पूछे 310
संसद में सवाल पूछने का नेशनल एवरेज 210
यूपी के सांसदों के सवाल पूछने का एवरेज 151
समय काल 01 जून 2019 से लेकर 09 फरवरी 2024 तक
सोर्सः पीआरएस

आदिवासियों का आर्थिक विकास,मेरा गांव मेरी धरोहर और लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण पर पूछे सवाल...

-बच्चों में कुपोषण
-मेरा गांव मेरी धरोहर
-आदिवासियों का आर्थिक विकास
-लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण

रीता बहुगुणा जोशी प्राइवेट मेंबर बिल पेश कीं 0
प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने का नेशनल एवरेज 1.5
यूपी के सांसदों का एवरेज 1.3
समय काल: 01 जून 2019 से लेकर 09 फरवरी 2024 तक
सोर्सः पीआरएस

प्राइवेट मेंबर बिल एक विशेषाधिकार है। इस अधिकार के तहत सांसद संसद में अपने विवेक से एक प्राइवेट बिल लेकर आते हैं। हालांकि शर्त यह है कि वही सांसद इस बिल को पेश कर सकते हैं जिनके पास कोई मंत्री पद नहीं है।

यूपी की ताजा खबरें- UP News in Hindi

कुल प्रस्तावित सैंक्शन बजट 17 करोड़ रुपए
कुल बजट मिला 9.5 करोड़ रुपए
कुल खर्च हुआ 6.22 करोड़ रुपए
बचा हुआ बजटः 2.88 करोड़ रुपए
समय काल 01 जून 2019 से लेकर 09 फरवरी 2024 तक
सोर्सः एमपी लैड्स

संसद में रीता बहुगुणा जोशी की हाजिरी 76%
सांसदों के हाजिरी का नेशनल एवरेज 79%
यूपी के सांसदों के हाजिरी का एवरेज 83%
समय काल: 01 जून 2019 से लेकर 09 फरवरी 2024 तक
सोर्सः पीआरएस इंडिया

(इस खबर के शोध कार्य में अभिषेक पांडेय ने मदद की है। वह पत्रिका डिजिटल के साथ इंटर्नशिप कर रहे हैं।)