
इलाहाबाद छात्रसंघ चुनाव
इलाहाबाद. Allahabad Central University के बीते छात्र संघ चुनाव में लगभग एक दशक में सबसे ज्यादा काबिज रहने वाली छात्र सभा रही है। जिनमें 2006 से 2011 तक Samajwadi Chatra Sabha के महामंत्री प्रत्याशी कमलेश यादव की हत्या के बाद छात्रसंघ के चुनाव नहीं हुए। इलाहाबाद विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा 2005 में मिला और उसके बाद पहला Chatra Sangh Chunav हुआ। और समाजवादी छात्र सभा के सभी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा इसी साल नवनिर्मित बहुजन छात्र सभा के प्रत्याशी अजीत यादव विजय हुए थे। लेकिन इसके बाद ही बहुजन छात्र सभा भंग कर दी गई और 2006 में Student Union Election बंद हो गया। लेकिन छात्र संगठनों ने छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर आंदोलन चलाया जो बहाली तक जारी रहा।
छात्रसंघ बहाली के लिए हुए बड़े आंदोलन
छात्रसंघ बहाली के आंदोलन में समाजवादी छात्र सभा के अभिषेक यादव एनएसयूआई से विवेकानंद पाठक और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से सूरज दुबे सहित कई छात्र नेताओं ने आमरण अनशन तक किया और जेल भी गया। इसके बाद 2012 में केंद्रीय विश्वविद्यालय में Chatra Sangh Chunav बहाल हुआ। समाजवादी छात्र सभा से दिनेश यादव ने जीत दर्ज की, लेकिन कार्यकाल पूरा होते ही दिनेश यादव भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और समाजवादी पार्टी को अलविदा कह दिया। वही आइशा के बैनर से शालू यादव को उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल हुई।
जब जेल से दर्ज की जीत
वही लिंगदोह की सिफारिशों की धज्जियां उड़ाते हुए महामंत्री पद पर प्रत्याशी अभिषेक सिंह माइकल ने जेल से चुनाव लड़ा और भारी वोटों से चुनाव जीता। तो 2013 में Allahabad Vishwavidyalaya की राजनीति ने फिर करवट ली। इस बार सारे बैनर और राजनीतिक दल की मान्यता लिए बैठे छात्र नेताओं को ठेंगा दिखाएं और निर्दलीय प्रत्याशियों को सभी पदों पर जीत हासिल हुई। जिसमें निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप सिंह केडी अध्यक्ष पद पर बाजी मारी।
2014 में हुआ ऐतिहासिक चुनाव
वहीं 2014 के चुनाव Samajwadi Chatra Sabha ने वापसी की ओर भूपेंद्र यादव अध्यक्ष और संदीप यादव महामंत्री चुने गए। 2015 का चुनाव Allahabad Central University के लिए ऐतिहासिक रहा। आजादी के बाद पहली महिला अध्यक्ष ऋचा सिंह चुनी गई। इस बार छात्र संघ में ऋचा सिंह आइसा समर्थित थी तो वही छात्र सभा ने भी ऋचा को समर्थन दिया। इस तरह 2015 का अध्यक्ष पद भी समाजवादी छात्र सभा ने अपने नाम कर लिया। एक बार फिर 2016 में समाजवादी छात्र सभा को झटका लगा 2016 में अजीत यादव विधायक को हार का सामना करना पड़ा और इस बार अध्यक्ष पद 40 सालों बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की झोली में गया और रोहित मिश्रा अध्यक्ष चुने गए।
देवरिया से तीसरा अध्यक्ष
एक बार फिर समाजवादी छात्र सभा ने Allahabad Vishwavidyalaya से अपनी वापसी का संदेश दिया। और 5 में से 4 पदों पर काबिज हुए। इविवि के छात्र राजनीति में देवरिया से यह तीसरे अध्यक्ष के तौर पर अवनीश यादव चुने गए।इसके पहले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहन सिंह इविवि से अध्यक्ष हुए। वही देवरिया के ही दिनेश यादव अध्यक्ष चुने गए और अब एक बार और अवनीश यादव ने परचम लहराया है।
BY- Prasoon Pandey
Updated on:
21 Oct 2017 03:51 pm
Published on:
21 Oct 2017 10:21 am
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