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लेखपाल भर्ती के संशोधित परिणाम पर लगी रोक

याचिका पर हाईकोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया 

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Ashish Kumar Shukla

Apr 21, 2016

high court

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इलाहाबाद. उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा के संशोधित परिणाम के विरोध में दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। याचिका उन अभ्यर्थियोें ने दाखिल की है जिनका पूर्व में घोषित परिणाम में चयन हो गया था, जारी रिजल्ट में उनको बाहर कर दिया गया है। छत्रपाल और विनोद कुमार सहित कई अभ्यर्थियों की याचिका पर न्यायमूर्ति पी.के.एस.बघेल सुनवाई कर रहे हैं।

याची के अधिवक्ता ने बताया कि याचीगण अनुसूचित जाति के अभ्यर्थी थे। 8 मार्च 2016 को घोषित परिणाम में उनका चयन हो गया। इसके बाद 11 मार्च 16 को चेयरमैन राजस्व परिषद ने पत्र लिखकर कहा कि अनुसूचित जाति के ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने अपने आवेदन में आरक्षण श्रेणी का कॉलम नहीं भरा था चयनित अभ्यर्थियों से अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद चयन नहीं पा सके हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने 31 मार्च 2016 को संशोधित परिणाम घोषित कर याचीगण को बाहर कर दिया तथा कटेगरी न घोषित करने वाले अभ्यर्थियों को चयन दे दिया गया।

याचीगण का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने अपनी आरक्षित श्रेणी नहीं बतायी है वह सामान्य वर्ग के माने जायेंगे। चूंकि जनरल कटेगरी से उनके अंक कम है इसलिए उनको चयन नहीं मिला। जबकि राज्य सरकार का कहना था कि श्रेणी नहीं बताने वाले अभ्यर्थियों के कट आफ अंक आरक्षित वर्ग की कट आफ मेरिट से अधिक थे इसलिए उनको चयनित किया गया है। कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति कायम रखने का निर्देश देते हुए प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।

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