27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

प्रयागराज जंक्शन पर थर्रा उठी सबकी सांसें, चीते की तरह कूद कर इंस्पेक्टर ने चलती ट्रेन के नीचे जाने से बचाई महिला की जान

यूपी के प्रयागराज जंक्शन पर आज मंगलवार को ऐसी घटना हुई कि एक पल के लिए वहां मौजूद लोगों की सांसे थम गईं। शायद एक पल की देरी होती तो हो जाती बड़ी अनहोनी, लेकिन चीते सी फुर्ती दिखाते हुए RPF जवान ने बड़े हादसे को टाल दिया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

प्रयागराज

•

image

Krishna Rai

•

Updated: 16 Dec 2025, 8:11 PM IST

Prayagraj News: सतर्कता और हिम्मत ने मौत को मात दे दी। प्रयागराज जंक्शन पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला यात्री चलती ट्रेन के पायदान से फिसलकर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच खतरनाक गैप में गिर गईं। मौत महज कुछ इंच दूर था, लेकिन एक पल की भी देरी किए बिना आरपीएफ इंस्पेक्टर अमित कुमार मीना ने अपनी जान की बाजी लगाकर महिला को ट्रेन के पहिये के नीचे जाने से बचा लिया। उनकी इस बहादुरी और सतर्कता की मिसाल हर कोई दे रहा है।

आखिर क्या हुआ था?

दोपहर करीब 12:15 बजे, प्लेटफॉर्म नंबर-एक पर सियालदह-अजमेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12987) रवाना होने को तैयार थी। प्रयागराज के जसरा की रहने वाली फोजिया बानो जिन्हें एस-फाइव कोच में अजमेर जाना था, ट्रेन के धीमी गति पकड़ते ही दौड़कर चढ़ने की कोशिश में उनका पैर फुटबोर्ड से फिसल गया। उनका संतुलन बिगड़ा और शरीर खतरनाक तरीके से ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में जाने लगा। ट्रेन के पहिये तेजी से करीब आ रहे थे। यह देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों की सांसें अटक गईं।

चीते सी फुर्ती से दौड़ पड़े इंस्पेक्टर अमित

यह खतरनाक मंजर करीब 10 मीटर दूर ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ पोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर अमित कुमार मीना ने देखा। उन्होंने तुरंत पूरी ताकत से दौड़ लगा दी। चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए, वह महिला तक पहुंचे और जोरदार झटके के साथ उन्हें खींचकर प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित कर लिया। महिला का शरीर पहियों से सिर्फ इंच भर की दूरी पर था। यदि एक सेकंड की भी देरी होती, तो अनहोनी हो जाती।उनके पीछे दौड़ रहे अन्य आरपीएफ जवान और दारोगा भी तुरंत मौके पर पहुंच गए।

डरी-सहमी फोजिया ने कहा धन्यवाद

बचाव के बाद फोजिया बानो बुरी तरह से डर से कांप रही थीं। उनकी सांसें उखड़ी हुई थीं। जवानों ने तुरंत उन्हें ढांढस बंधाया, पानी पिलाया और बताया कि अब वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस बीच ट्रेन को भी रोक दिया गया।
कुछ देर आराम करने के बाद, फोजिया को उनके कोच में बैठाकर सुरक्षित अजमेर के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बार-बार आरपीएफ इंस्पेक्टर अमित कुमार मीना और अन्य जवानों का शुक्रिया अदा किया।

'ऑपरेशन जीवन रक्षा' का कमाल

आरपीएफ का यह कारनामा उनके विशेष अभियान 'ऑपरेशन जीवन रक्षा' का हिस्सा था। इस अभियान के तहत, रेलवे प्लेटफॉर्म पर कड़ी चौकसी बरती जाती है ताकि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
जवानों ने अन्य यात्रियों को भी समझाया कि चलती ट्रेन में चढ़ना या उतरना जानलेवा हो सकता है। हमेशा ट्रेन के पूरी तरह रुकने का इंतजार करें। लोगों ने इंस्पेक्टर अमित कुमार मीना की बहादुरी की जमकर तारीफ की।

बड़ी खबरें

View All

प्रयागराज

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग