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Atiq Ahmad: कोर्ट से सजा के बाद अतिक का राजनैतिक करियर खत्म, शाइस्ता को प्रत्याशी मानने से बसपा का इनकार

Atiq Ahmad: एक बार का सांसद और 5 बार का विधायक अतीक अब कभी चुनाव नहीं लड़ पाएगा। इसके साथ ही उसकी पत्नी के बसपा से चुनाव लड़ने पर ग्रहण लग गया है।

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उमेश पाल अपहरण केस में आजीवन कारावास की सजा होने के बाद अतीक को एक और बड़ा झटका लगा है। दरअसल अब माफिया अतीक कभी भी चुनाव नहीं लड़ पाएगा। ऐसा इसलिए क्यूंकि भारत के संविधान के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को 2 साल से ज्यादा की सजा होती है तो वह सजा के दिन से 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकता है।

अब चुनाव नहीं लड़ सकता है अतीक?
अदालत ने अतीक को 17 साल पुराने उमेश पाल अपहरण मामले में सश्रम आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब वह कभी चुनाव नहीं लड़ सकता है। क्योंकि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अनुसार किसी मौजूदा या पूर्व सांसद या विधायक के खिलाफ 2 साल या उससे ज्यादा की सजा सुनाई जाती है तो वह 6 साल तक इलेक्शन नहीं लड़ सकता है। हालांकि अतीक फिलहाल किसी सदन का सदस्य नहीं है लेकिन अब उसके चुनाव लड़ने पर ग्रहण लग गया है।

एक बार सांसद और 5 बार विधायक रहा है माफिया
अपराध के दुनियां में जड़ जमाने के बाद अतीक खुद की सुरक्षा के लिए राजनीति में कूद गया। 1989 में वह पहली बार इलाहाबाद पश्चिम से निर्दलीय विधायक चुना गया। इसके बाद वह लगातार 1991,1993,1996 और 2002 में 5 बार इस सीट पर विधायक चुना गया। लेकिन इसी बीच वह सासंद बनने का सपना देखने लगा और 1999 के लोकसभा के आम चुनाव में अपना दल के प्रत्याशी के तौर पर प्रतापगढ़ से मैदान में उतरा लेकिन हार गया। इसके बाद वह 2004 फूलपुर से समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा पहुंचने में कामयाब हो गया।

शाइस्ता को BSP ने अपना प्रत्याशी मानने से इंकार
अतीक को उमेश पाल अपहरण केस में सजा होने के बाद से ही उसकी पत्नी शाइस्ता के राजनैतिक करियर पर भी ब्रेक लगता नजर आ रहा है। कुछ महीने पहले ही शाइस्ता परवीन बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुई थी। उसके पार्टी में शामिल होने के दौरान इस बात का अंदाजा लगाया गया कि पार्टी उसे प्रयागराज से मेयर पद का प्रत्याशी बना सकती है।

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वहीं बसपा के जोनल को-आर्डिनेटर अशोक गौतम ने दैनिक जागरण से बात करते हुए शाइस्ता को प्रयागराज से प्रत्याशी के तौर पर सिरे से खारिज कर दिया है। लेकिन पार्टी में एक वर्ग ऐसा भी है जो शाइस्ता को फिलहाल चेहरा मान रही है। इसके साथ ही पार्टी ने नए प्रत्याशीयों के नाम पर विचार करना शुरु कर दिया है।

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