
जब नोएडा CEO की कोठी पर अतीक अहमद ने किया था कब्जा, PC-X
नोएडा : साल 2006 का वक्त था। अतीक अहमद की पूरे पूर्वांचल में तूती बोल रही थी। अतीक अहमद अब अपना साम्राज्य बढ़ा रहा था। इलाहाबाद-लखनऊ के बाद अब नोएडा में अपनी दादागिरी शुरू कर रहा था। वह नोएडा में अपने करीबियों को टेंडर और ठेके दिलाने की कोशिश कर रहा था।
2006 में, जब उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब अतीक ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के तत्कालीन चेयरमैन राकेश बहादुर (IAS) के सेक्टर-14A स्थित सरकारी आवास पर पूरे गिरोह के साथ हमला बोल दिया था।
शाम के वक्त अतीक अपने 15-20 हथियारबंद गुर्गों के साथ पहुंचा। घर में घुसते ही उसने टीवी, गमले, सजावटी सामान और फर्नीचर को तहस-नहस कर दिया। उस समय चेयरमैन राकेश बहादुर घर पर नहीं थे। उनकी बुजुर्ग मां ने आगे बढ़कर अतीक को रोकने की कोशिश की, लेकिन अतीक ने मां समान बुजुर्ग महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया। स्टाफ और परिवार के सदस्यों के साथ भी धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार जारी रहा।
अतीक चेयरमैन की कुर्सी पर बैठ गया और साफ-साफ धमकी दी। 'जब तक चेयरमैन घर आकर मुझसे नहीं मिलेंगे, मैं यहां से नहीं जाऊंगा।' पूरा माहौल करीब 40-45 मिनट तक दहशत भरा रहा।
अतीक नोएडा-ग्रेटर नोएडा में प्राइम लोकेशन पर अपने करीबियों को कमर्शियल, औद्योगिक, ग्रुप हाउसिंग और संस्थागत प्लॉट आवंटित करवाना चाहता था। चेयरमैन राकेश बहादुर ने नियमों का हवाला देते हुए साफ इनकार कर दिया। अतीक ने पहले सरकार के ऊपरी स्तर से दबाव डलवाया, लेकिन जब राकेश बहादुर नहीं माने तो वह आगबबूला हो गया और बदला लेने के लिए यह हमला किया।
जब घटना की सूचना राकेश बहादुर और पूरे IAS लॉबी को लगी तो उन्होंने पुलिस, प्रशासन और सरकार से कार्रवाई की मांग की। लेकिन अतीक की सत्ता में “हनक” इतनी मजबूत थी कि कोई FIR तक दर्ज नहीं हुई। दो दिन बाद IAS अधिकारियों की बैठक हुई और सरकार तक नाराजगी पहुंचाई गई, मगर अतीक के आकाओं ने IAS लॉबी को ही मुंह बंद रखने की हिदायत दे दी। चेयरमैन और उनका स्टाफ भी चुप रह गया।
उस समय राकेश बहादुर प्रदेश के सबसे ताकतवर IAS अधिकारियों में शुमार थे। बाद में वे उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव भी बने, लेकिन अतीक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करा सके।
Published on:
15 Apr 2026 09:32 pm
