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‘जेल से निकालेंगे और निपटा देंगे’ माफिया अतीक के भाई अशरफ को एंनकाउटर का डर, कहा- पंक्चर होकर पलट सकती है गाड़ी

इलाहाबाद की स्पेशल कोर्ट ने अतीक अहमद के भाई अशरफ अहमद को बरी कर दिया है। अब उसने अपनी जान को खतरे में बताया है।

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माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ अहमद को बरेली जेल लाया गया है। अब अशरफ को अपनी जान जाने का डर सता रहा है। अशरफ का दावा है कि उसे जेल के किसी अधिकारी ने 2 हफ्ते के अंदर जान से मारने की धमकी दी है। अशरफ अहमद का कहना है कि एक बड़े अफसर ने उसे धमकी दी है।

अधिकारी ने उससे कहा कि दो हफ्ते के अंदर उसे किसी बहाने से जेल से निकाला जाएगा और रास्ते में ही निपटा दिया जाएगा। उसने कहा कि उसपर लगे सभी आरोप फर्जी हैं। उसे, उसके परिवार और उत्तर प्रदेश सरकार को बदनाम करने की साजिश रची गई है।

मेरी हत्या होती है तो उस अधिकारी का नाम सीएम को भेजूंगा- अतीक अहमद
हालांकि, उसने नाम बताने से मना कर दिया। वहीं, अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए उसने कहा, उसका रोजा है, लेकिन जब उसे दूसरी जेल में लाया गया तो उसे रास्ते में खाने के लिए कुछ नहीं दिया गया। अतीक का कहना है कि अगर उसकी हत्या होती है तो वह बंद लिफाफे में उस अधिकारी का नाम चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और मुख्यमंत्री को भेज देगा। मांग करते हुए उसने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को इस मामले में जांच करनी चाहिए।

कुछ भी हो सकता है गाड़ी पलट सकती है गाड़ी- अशरफ अहमद
दरअसल, जेल गेट में दाखिल होने से पहले पुलिस के वज्र वाहन में बैठे अशरफ ने मीडिया से लंबी बात की और कई सवालों के जवाब दिए। अपने साले सद्दाम से मुलाकात को लेकर भी उसने सफाई दी। उसने कहा कि वह विधायक रहा है और सद्दाम उसका ***** है। तमाम लोग उससे जुड़े हैं पर मिलना कोई अपराध नहीं है। उसने कहा कि उसे जेल में नहीं उसके बाहर खतरा है, क्योंकि गाड़ी का क्या है वह तो पंक्चर होकर भी पलट जाती है। अशरफ ने आगे कहा कि उसकी भाभी मेयर का चुनाव लड़ने वाली थी, इसलिए विपक्ष की ये साजिश है जिससे उसके परिवार को बदनाम किया जा सके।

मंगलवार को अदालत ने सुनाया फैसला
मंगलवार को प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट में उमेश पाल अपहरण केस की सुनवाई हुई। इस दौरान साबरमती जेल से अतीक अहमद को और बरेली जेल से अशरफ को लाकर कोर्ट में पेश किया गया था। दिनेश चंद्र शुक्ल की अदालत ने मामले पर फैसला सुनाते हुए अतीक को मामले में दोषी ठहराया और अशरफ अहमद समेत सात आरोपियों को बरी कर दिया गया। इस केस में केवल अशरफ अहमद, फरहान, जावेद, इशार, आसिफ मल्ली और अंसार को निर्दोष करार दिया है।