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कनपटी पर पिस्टल लगाते ही अतीक की पैंट हो गई थी गीली, क्या डॉन को भी लगता था डर?

माफिया अतीक अहमद का अंत हो गया है, लेकिन उससे जुड़ी कहानियां अब सामने आने लगी हैं। अतीक अहमद को भी पुलिस से डर लगता था।

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25 जनवरी साल 2005 में इलाहाबाद में बसपा विधायक राजू पाल को दिन दहाड़े गोलियों से भून‌ दिया गया था। राजूपाल हत्या का आरोप अतीक अहमद और अशरफ पर लगा। हत्याकांड के 3 साल बाद अतीक अहमद को दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के पीतमपुरा इलाके से गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने अतीक अहमद को 30 जनवरी 2008 को गिरफ्तार किया था।


उस वक्त अतीक फूलपूर से सांसद था। दिल्ली में छिपा हुआ था। पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम रखा था। उसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पकड़ा था। जैसे ही पुलिस के अधिकारी ने अतीक के कनपटी पर पिस्टल लगाई घबराहट में उसकी पैंट गीली हो गई थी। पुलिस को खबर मिली थी कि अतीक अहमद पीतमपुरा के गालिब अपार्टमेंट में गया है।

धूमनगंज थाने कीक पुलिस शुक्रवार रात अतीक और अशरफ के बताए पते पर कौशांबी में छापा मारा। पाकिस्तानी असलहों को बरामद करने के लिए दोनों भइयों को कौशांबी के महगांव पहुंची। पुलिस को वहां कुछ नहीं मिला।


अतीक ने सैयद सरावां गांव में किसी व्यक्ति के घर का पता बताया था। पुलिस दोनों को लेकर वहां पहुंची। बरामदगी के पहले ही अतीक अहमद की हालत बिगड़ने लग गई। उसकी पैंट खराब हो गई। पुलिस सुरक्षा कारणों से अतीक को लेकर पूरामुफ्ती थाने पहुंची। वहां पैंट बदलवाई गई।


कॉल्विन अस्पाल लेकर पहुंची पुलिस
इसके बाद पुलिस दोनों भाइयों को लेकर कॉल्विन अस्पताल पहुंची। दोनों भाइयों की जांच हुई। अतीक ने शुगर की शिकायत बताई। कॉल्विन अस्पताल के प्रशासनिक अफसर ने बताया कि यह रूटीन चेकअप था। स्वास्‍थय सामान्य निकला। पुलिस अतीक और अशरफ को धूमनगंज थाने लेकर चली गई। पुलिस एक बार फिर से अतीक और अशरफ से पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस शनिवार को दोनों भाइयों को लेकर असलहा बरामद करने फिर से जाएगी।