
Bahubali Atiq ahmad
इलाहाबाद:पूर्व सांसद अतीक अहमद के खिलाफ योगी सरकार की चल रही कार्यवाही के बीच बाहुबली अतीक अहमद के बेटे और उनकी पत्नी आज मिडिया से मुखातिब हुए।योगी सरकार की कार्यवाही के खिलाफ बड़े सवाल खड़े किये। गौरतलब है कि अतीक अहमद जेल में बंद है, अतीक अहमद पर शिकंजा कसने के लिए योगी सरकार उनके खिलाफ एक के बाद एक बड़ी कार्यवाही को कर रही है।
हमारी नही है अलीना सिटी
बाहुबली नेता अतीक अहमद के बेटे उमर जो बीते लोकसभा के उपचुनाव में अपने पिता की चुनावी कमान संभाल चुके हैं।अब एक बार फिर वह मीडिया सामने आये ,और अपने वालिद के खिलाफ चल रही कारवाही पर सरकार को घेरा।उनके साथ उनकी वालिदा भी रही हालाकि उन्होंने मिडिया से बात नही की।उमर ने कहा पूर्व सांसद अतीक अहमद को लेकर की जा रही कार्यवाही सिर्फ उनकी छवि खराब करने के लिए की जा रही है। उमर ने कहा की जिस अलीना सिटी को अतीक अहमद का नाम दिया जा रहा है। उस पूरी जमीन पर अतीक अहमद के नाम एक इंच जमीन भी नहीं है ।न ही अतीक अहमद के जरिए उसमें किसी भी तरह से खरीदा या बेचा गया है ।
सरकार पूर्वाग्रह से ग्रसित
उमर बताया कि अवैध प्लाटिंग के नाम पर योगी सरकार को पूर्वाग्रह से ग्रसित है। कहा की सरकार के अफसर उच्च अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे हैं। उमर ने साफ़ किया की जिस अलीना सिटी की बात हो रही है,उसको लेकर अलग.अलग थानों में 9 मुकदमे दर्ज है।जिसमे में 8 एफ़आइआर करेली थाने में और एक मुकदमा धूमनगंज में हुई है, जिसमे अतीक अहमद का नाम नहीं है ।तो उन्हें इसके साथ क्यों जोड़ा जा रहा है।
प्रशासन को इस कार्यवाही का जवाब देना होगा
कहा की जिस हिस्से पर प्लाटिंग की गई है वहां का कुछ हिस्सा ग्रीन बेल्ट है।लेकिन अधिकांश भाग क्षेत्रीय किसानों की भूमिधरी है।जिसे आवश्यकता के अनुसार टुकड़ों में किसानो ने बेचा है। वहां पर लोगो ने अपना घर बनाया है।जिसे अधिकारियो ने ढहा दिया।जिन लोगो की दीवारे गिराई गई है।वो लोग अपने चिन्हीकरण के लिए वहां पर दीवाल और बाउंड्री बनाई थी। वहां कुछ चंद मकान बने थे, और यह मकान लोगों की अपनी भूमिधरी जमीन पर बना था।इलाहाबाद विकास प्राधिकरण और प्रशासन ने मिलकर जिस तरह से एक तरफा कार्यवाही की है ।जिससे कमजोर लोगों की गाढ़ी कमाई बर्बाद हुई है।
कहा प्रशासन एक तरफा कार्यवाही कर रहा
उमर ने कहा कि जमीन पर जिन लोगों के मकान बने थे, उन जमीनों की बाकायदा रजिस्ट्री हुई थी।सरकार को उसका टैक्स मिला था,स्टांप ड्यूटी जमा हुई थी।उस वक्त प्राधिकरण के अधिकारी क्यों सो रहे थे।अगर अवैध मकान बनाए गए और मकानों का नक्शा पास नहीं था तो उनके खिलाफ समन जारी होता ।कंपनसेशन का पैसा जमा कराया जाता।उन्हें नोटिस दी जाती।लेकिन प्रदेश के एक आइपीएस अधिकारी ने कुछ दिनों पहले वहां पर निरीक्षण किया।उसके चंद दिनों बाद मकानों को गिरा दिया।उन्होंने ने कहा कि हम हमेशा गरीब मजदूर तबके के लोगों की लड़ाई लड़ते रहे हैं।हमारे वालिद की किसी से व्यक्तिगत कोई रंजिश कभी नहीं रही ।एक बार फिर हम दूसरों के हक और हकूक की लड़ाई के लिए सामने आए हैं।सरकार के इस एकतरफा कार्यवाही के खिलाफ खड़े है।
हाईकोर्ट में दयार होगी याचिका
कहा कि हम सरकार की कार्यवाही से परेशान कमजोर लोगों को साथ लेकर जल्द ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर न्यायालय से इस बात की गुजारिश करेंगे की किस आधार पर गरीबो के मकान गिराए गये। क्यों गरीब और मजलूमों को क्यों उजाड़ा जा रहा है।कहा अतीक अहमद को राजनीतिक द्वेष और षड्यंत्र के तहत बदनाम किया जा रहा है । जिस मामले को प्राधिकरण के अधिकारियों के हस्तक्षेप से पूरा करना था।उसके लिए लखनऊ से एक आइपीएस को भेजा गया।वही उमर ने पूर्व सांसद अतीक अहमद को भू माफिया कहने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पूर्व सांसद अतीक अहमद को किस आधार पर भू माफिया कहा जा रहा है ।पहले बाहुबली फिर माफिया अब भू माफिया जो लोग उन्हें यह नाम दे रहे रहे है ।बताये की कानून में इस नाम की कोई जगह है । भूमाफिया बताने वाले लोग इसे जस्टिफाई करें ।
हमारी कोई सम्पत्ति बेमानी नही
उमर ने कहा कि अतीक अहमद पांच बार विधायक और एक बार सांसद रहे एक जनसेवक रहे हैं ।जनता के हक और हकूक की लड़ाई लड़ते लड़ते उनके ऊपर तमाम मामले दर्ज किए गए।जिस पर राजनीतिक द्वेष के चलते पहले मायावती के शासनकाल में अधिकारियों ने कार्यवाही की थी ।अब एक बार यह सरकार उसी रास्ते पर चल रही है।दो दिन पहले सड़क चौड़ीकरण के नाम पर अतीक अहमद की कोठी पर बुलडोजर चलने के सवाल पर उमर ने कहा कि हमारी कोई संपत्ति बेनामी नहीं है।2007 में जब मोहम्मद खालिद अजीम उर्फ़ अशरफ मेरे चाचा के खिलाफ गैंगस्टर की कार्यवाही की गई, उस समय उस बिल्डिंग को सीज किया गया था।बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर उसको रिलीज किया गया।वह संपत्ति हमारी है ।अगर सड़क चौड़ीकरण करने के लिए इमारत का कुछ हिस्सा गिराया है ।तो हमें कोई आपत्ति नहीं है ।और जितनी जरूरत हो उसे तोड़ लें ।हमें सरकार के विकास से कोई आपत्ति नहीं है ।मगर वह किसी द्वेषपूर्ण भावना से गिराई जा रही है ।तो अधिकारियों को इसका जवाब देना होगा ।
Published on:
19 Aug 2018 05:22 pm
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