
पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर माघ मेला के द्वितीय स्नान पर्व पर लोगों का सैलाब संगम पहुंचा। इस विशेष तिथि पर लगभग 09 लाख 80 हजार स्नानार्थियों व श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाई। श्रध्दालुओं की सुरक्षा और मेले की शांति व्यवस्था को लेकर सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई। माघ मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु सफाई कर्मियों की पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगायी गयी है। माघ मेला क्षेत्र में अपने स्वजनों से बिछडऩे वाले लोगो के लिए खोया-पाया केन्द्र से लगातार एनाउंस कर उनके स्वजनों से उन्हें मिलाया गया। श्रद्धालुओं को मेले में भटकना न पड़े, इसके लिए संगम जाने का मार्ग वापस लौटने का मार्ग व अन्य मार्गों को प्रदर्शित करते हुए साइन बोर्ड रास्तों पर लगाए गए हैं। माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा की व्यवस्था चाक-चौबंद रही। एडीजी जोन श्री भानु भाष्कर, मण्डलायुक्त श्री विजय विश्वास पंत, पुलिस आयुक्त श्री रमित शर्मा, कुम्भ मेलाधिकारी श्री विजय किरण आनन्द, पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक माघ मेला डॉ0 राजीव नारायण मिश्र, जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल, प्रभारी अधिकारी माघ मेला श्री दयानन्द प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी निरंतर भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
मुस्तैद रही एसडीआरएफ की टीम
पौष पूर्णिमा पर लाखों लोगों ने गंगा में स्नान किया। वहीं भारी भीड़ की पानी में सुरक्षा करने के लिए एसडीआरएफ की टीम भी पूरी तरीके से मुस्तैद रही। एसडीआरएफ के जवान सेफ्टी जैकेट पहन कर स्टीमर से गंगा में निगरानी करते रहे। जवानों ने पूरा दिन पानी में अपनी नजर गड़ाए रखी।
Updated on:
26 Jan 2024 09:32 am
Published on:
26 Jan 2024 09:07 am
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