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बिहार संस्कृत बोर्ड की फर्जी डिग्री बनाने वाला शातिर एसटीएफ के हत्थे चढ़ा

छात्रों से 20 हजार से 50 हजार रूपये लेकर बेचते थे डिग्रीयां ,

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इलाहाबाद: एसटीएफ इलाहाबाद की टीम को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली। एसटीएफ टीम ने बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड पटना की फर्जी वेबसाइट बनाकर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड और द वेस्ट बंगाल काउन्सिल आफ रविन्द्र ओपन स्कूलिंग हायर सेकेण्ड्री एक्जामिनेशन बोर्ड के फर्जी अंक पत्र और सार्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह का भण्डा फोड़ किया। गिरोह के मुख्य सरगना नितेश राजपूत को इलाहाबाद से गिरफ्तार किया गया।साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद करने सफलता मिली।

एसटीएफ सीओ नवेन्दु कुमार के अनुसार एसटीएफ टीम को काफी दिनों से फर्जी दस्तावेजो के बनने की जानकारी मिल रही थी। लेकिन पुख्ता जानकारी के अभाव में कार्यवाही नही की जा रही थी।उन्होंने बताया की मुखबिर से सूचना मिली कि धूमनगंज में बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड पटना की फर्जी वेबसाइट बनाकर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड तथा द वेस्ट बंगाल काउन्सिल आफ रविन्द्र ओपन स्कूलिंग हायर सेकेण्ड्री एक्जामिनेशन बोर्ड के फर्जी अंकपत्र तथा सार्टिफिकेट बनाये जाते है।और ऐसे गिरोह के विरूद्ध ठगी करने का मुकदमा दर्ज हुआ हैं। वही एसटीएफ को यह भी सुचना मिली की संदिग्ध व्यक्ति दस्तावेज लेकर भागने के फिराक में हैं। घेरे बंदी कर चिन्हित स्थान पर छापे मारी की गई।

एसटीएफ मुखबिर के बताये हुए पते आईकॉन इण्टरनेशनल पब्लिक स्कूल मुण्डेरा में पहुॅच कर टीम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जिससे फर्जी तरीके से बनाने वाले कागजात की बरामदगी हुई है। अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि शहर के धूमनगंज स्थित आईकॉन इण्टरनेशनल पब्लिक स्कूल प्लेग्रुप और नितेश स्टडी सेन्टर के नाम से शिक्षण संस्थाओं का संचालक है। एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार इन्हीं शिक्षण संस्थाओं के प्रचार.प्रसार के लिये जस्ट डायल पर अपना फोन नम्बर और मेल आई०डी० अपलोड किया गया था। जस्ट डायल पर अपलोेडेड फोन नम्बर व मेल आईडी के माध्यम से प्रवीन जैन सिंह व अजय जो मेरठ के रहने वाले व्यक्तियों ने मुझसे सम्पर्क बढ़ाया। और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह में मुझे भी सम्मिलित कर लिया गया।

आरोपी ने एसटीएफ को बताया की मेरे द्वारा छात्रों की डिटेल प्रवीन जैन और अजय को मेरठ में उपलब्ध कराया जाता था। और बिना परीक्षा दिये उन छात्रों से 20 हजार से 50 हजार रूपये लेकर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड तथा द वेस्ट बंगाल काउन्सिल आफ रविन्द्र ओपन स्कूलिंग हायर सेकेण्ड्री एक्जामिनेशन बोर्ड, के फर्जी अंकपत्र तथा सार्टिफिकेट उपलब्ध करा दिये जाते थे। आरोपी ने एसटीएफ से बताया की छात्रों से मिलने वाले पैसे को आपस मे आधा.आधा बांट लेते थे।

एसटीएफ अधिकारी ने बताया की जब यह स्वयं पुरे काम करने में माहिर हो गया तो खुद ही दोनो बोर्ड के फर्जी अंकपत्र,सर्टिफिकेट व माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करने लगा। जिसके एवज में मुझे पहले की अपेक्षा ज्यादा पैसे मिलने लगे।बताया की हम लोगों द्वारा बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की फर्जी वेबसाइट भी बना ली गयी थी। ताकि लोगों को आसानी से धोखा दिया जा सके।इस सम्बन्ध में थाना.धूमनगंज में इस संबंध में थाना धूमनगंज इलाहाबाद में तथा मु०अ०स० 1189 2018 धारा 406467468471419420 भा०द०वि० व धारा325 आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर क़ानूनी कार्यवाही की जा रही है।