ज्ञापन में यह भी बताया गया कि कोरांव में 41,40,50,800 रू. के सापेक्ष 13,83,94,000 रू., क्षति पूर्ति-मुआवजा का भुगतान किसानों को किया गया है। इसी क्रम में 2015-16 में जनपद स्तर पर सूखे से प्रभावित जिले के 3 तहसीलों बारा, मेजा एवं कोरांव के लिए कुल 21,02,11,711 रू. के सापेक्ष 5,50,00,000 रू. ही मुआवजा-क्षतिपूर्ति के रूप में छोटे व वृहद कृषकों के मध्य वितरित किया गया है। अभी भी तमाम ऐसे किसान हैं जिनके खेतों का सर्वे नहीं किया गया है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि अभी भी जनपद के लगभग 60 प्रतिशत किसानों को पिछले वर्ष की क्षतिपूर्ति नहीं दी गयी है और क्षतिपूर्ति वितरण में सत्ता पक्ष के नेताओं के इशारे पर किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इस दौरान इनके अतिरिक्त ताराशंकर पाण्डेय, अनुराग शुक्ल, कैप्टन मुकेश सिंह, राकेश शुक्ल, दिनकर पाण्डेय,, इन्द्रभूषण मिश्र, चन्द्रभूषण तिवारी, लल्लन तिवारी, अनूप मिश्रा सहित सैकड़ो की संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता और किसान मौजूद थे।