
Yogi adityanath
इलाहाबाद. लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित मेंस 2017 परीक्षा को लेकर चल रहे विवादों के बीच एक बार फिर प्रतियोगी छात्र मोर्चा के बैनर तले प्रतियोगी छात्रों ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाएं हैं। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के लोग मिडिया से मुखातिब हुए। आयोग के मुद्दे पर सरकार को गंभीरता से विचार करने की बात कहीं। प्रतियोगी छात्र मोर्चा का दावा है, कि लोकसेवा आयोग के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब 3000 से ज्यादा परीक्षार्थियों ने पीसीएस के मुख्य परीक्षा को छोड़ दी है। इतनी बड़ी तादात में परीक्षार्थियों के मेन्स परीक्षा छोड़ने से एक बार फिर लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और शुचिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कहा की इससे यह साबित होता है, कि लोक सेवा आयोग कितना असंवेदनशील है। देश भर से आए अभ्यर्थियों का आयोग से भरोसा उठ गया है। जो आयोग की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है।
सपा के बाद अब भाजपा पर सवालिया निशान
लोक सेवा आयोग में समाजवादी पार्टी की सरकार में भर्तियों में हुई धांधली के गंभीर आरोप लगे है। आयोग की भर्तियों में सपा शासन काल में जातिवाद क्षेत्रवाद आरोपों के चलते भाजपा की शासन में सीबीआई जांच की संस्तुति हुई। केन्द्र से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 31 जनवरी 2018 से सीबीआई लोक सेवा आयोग की 2012 से लेकर 2017 के बीच हुई भर्तियों की जांच कर रही है। जिसका आरोप तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार की पर लगाया गया।लोकसभा चुनाव से लेकर यूपी के विधानसभा चुनाव तक में पूर्वांचल खास तौर से इलाहाबाद के आस पास के जिलो में भाजपा के हर मंच से आयोग की भर्तियों पर नताओ ने अपने बयान दिए और न्याय का भरोसा दिलाया। लेकिन भाजपा शासन में पीसीएस 2017 की परीक्षा के विवाद के बाद भाजपा खुद को कटघरे में खड़ी है।
लम्बी लड़ाई के बाद शुरू हो पाई थी परीक्षा
पीसीएस प्री 2017 की परीक्षा में पूछे गए सवालों के गलत उत्तर को लेकर हंगामा शुरु हुआ। जिसको लेकर प्रतियोगी छात्र इलाहाबाद हाईकोर्ट गये। हाईकोर्ट ने लम्बी सुनवाई के बाद एक सवाल को हटाने और तीन सवालों के उत्तर संशोधित करके रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया। लेकिन हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ आयोग सुप्रीम कोर्ट गया और पीएलाई दर्ज कर अपना पक्ष रखा ।सुप्रीमकोर्ट पहुचें आयोग को राहत मिली और आयोग ने मेन्स परीक्षा की कवायद शुरू कर दी। लम्बी लड़ाई के बाद आयोग ने पीसीएस मेन्स की 18 जून से परीक्षा शुरू करा दी । 19 जून को अनिवार्य विषय समान्य हिन्दी के स्थान पर जीआईसी में निबन्ध का पेपर बांटे जाने पर हंगामा हो गया । पेपर आउट होने को लेकर परीक्षार्थीयों ने जम कर बवाल काटा मेन्स पेपर आउट होने के बाद अब तक तीन हजार परीक्षार्थी मेन्स परीक्षा छोड़ चुके हैं। जिसको लेकर भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा ने आयोग से पूरी परीक्षा रद्द करने और दुबारा परीक्षा कराने की मांग की है।
राजनितिक लोग सीबीआइ जांच को न भटकाए
मीडिया से मुखातिब हुए प्रतियोगी छात्रों ने कहा की समीक्षा अधिकारी 2016 के प्री परीक्षा का प्रश्नपत्र शोशल साईट पर वायरल हो चुका है।जिसकी सीबीसीआईडी जांच चल रही है ।कहा की सरकार से अपील है की इस मामले में तत्काल संज्ञान लें।दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।वही आयोग की अनियमितता पर चल रही सीबीआई जांच को दिशा को भटकाने और राजनितिक दबाव पर रोक लगानी चाहिए। साथ ही बताया कि सीबीआई के पास आयोग की धांधली के 70 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतें साक्ष्य के साथ हैं,जिसे सीबीआई के अधिकारियों ने इलाहाबाद में रहते हुए स्वीकार किया था। ऐसे में सीबीआई जांच के दायरे में आ रहे अधिकारियों की गिरफ्तारी हो और उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए।
By- Prasoon Pandey
Published on:
27 Jun 2018 08:59 am
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