
अमित शाह
इलाहाबाद. भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भले ही संगम नगरी में अपने धार्मिक यात्रा पर रहे हो। लेकिन बड़ा सियासी संदेश दे गए अमित शाह ने अपने पूरे दौरे के दरमियान मीडिया से दूरी बनाए रखी। लेकिन बिना बोले अमित शाह ने हिंदुत्व का झंडा बुलंद कर दिया । अमित शाह पांच घंटे तक संगम नगरी में रहे इस दौरान उन्होंने एक के बाद एक पांच स्थानों पर धार्मिक पूजा अनुष्ठान कर हिंदुत्व और धर्म के प्रति अपनी निष्ठा का एक तस्वीर बना गये । साथ ही शाह संगम की रेती से संत महात्माओं का आशीर्वाद लेकर भारतीय जनता पार्टी की आगामी सियासत का रास्ता बना गए।
अमित शाह की धार्मिक यात्रा का सियासी विरोध
धार्मिक यात्रा पर आये शाह भले ही सियासत से दूर रहे हो लेकिन उनका सियासी विरोध जारी रहा। अमित शाह के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा है।उसके बावजूद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया। समाजवादी युवजन छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट से आ रहे हैं,उनके काफिले को काला झंडा दिखाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।वही इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेताओ ने सहित युवजन सभा के जिला अध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू सहित दर्जनभर कार्यकर्ताओ को पुलिस ने तब हिरासत में ले लिया जब सभी छात्रसभा के कार्यकर्त्ता बाघम्बरी गद्दी मठ पर उन्हें काला झंडा दिखाने के फिराक में थे ।वही भाजपा नेताओं को भी पार्टी नेतृत्व से मिलने के लिए भारी मशकक्त करते दिखे ।
अमित शाह से मिलने के लिए नेताओं को करनी पड़ी भारी मशक्कत
अमित शाह के दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं में भी मिलने की होड़ लगी रही।जिले सहित फतेहपुर कौशांबी और प्रतापगढ़ के पदाधिकारी अपनी हाजिरी लगाने के लिए अपने अपने आकाओं से जुगाड़ लगाते दिखे। तो वही जिले के विधायकों और मंत्रियों को भी अमित शाह से मिलने के लिए खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा । जिससे कुछ लोगो को इंट्री तो मिल गई एलेकिन विवादों में रहने वाले शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेई को एक बार फिर सिक्योरिटी ने बाहर रोक लिया । लेकिन इस बार वह शांत दिखे और वापस हो गए तो जिले के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन भी धक्का मुक्की से बचते हुए बाहर आ गये । कैबिनेट मंत्री नन्द गोला गुप्ता नंदी को किसी तरह उनके सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला । तो पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी समय से पहले ही आकर इन्ताजार करती दिखी ।
सरकार संतो की बातो का करेगी सम्मान
बाघंबरी गद्दी मठ पर संतों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह उनका और पार्टी का सौभाग्य हैए कि कुंभ में उन्हें सेवा करने का मौका मिल रहा है ।अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी और सरकार संतो और धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है ।संतों की मांगों पर सरकार जरूर गौर करेगी।मठ पहुंचे अमित शाह ने संतों का तिलक लगाकर अभिवादन कियाएऔर उनकी बात सुनी । इस दौरान अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष सहित 13 अखाड़े के संत महंत उपस्थित रहे।अमित शाह ने संतो को आश्वस्त की केंद्र और राज्य सरकार संतो की बातो का सम्मान करेगी । हालाकि की दौरान मिडिया को अंदर नही जाने दिया गया ।
संतो के आशीर्वाद से फिर बनेगी भाजपा की सरकार
संतो के साथ प्रसाद ग्रहण कर बाहर निकले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने मिडिया से बताया की राष्ट्रिय अध्यक्ष का यह दौरा पूरी तरह से धार्मिक दौरा है ।आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत मह्त्माओ का आशीर्वाद लेने वह पंहुचे है ।वही आगामी चुनाव को लेकर पत्रिका के सवाल पर उन्होंने कहा की इस दौरे को राजनीत से अलग होकर देखे वैसे राष्ट्रिय अध्यक्ष और पार्टी के साथ संतो का आशीर्वाद हमेशा रहा है।जिसके चलते पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज कीए और बीते विधानसभा में भी संतो महंतो के आशीर्वाद से प्रदेश में सरकार बनी और आगामी चुनाव फिर संतो के आशीर्वाद से देश में भाजपा की सरकार बनेगी।
सुनील बंसल ने सम्भाली कमान
राष्ट्रिय नेतृत्व अमित शाह के दौरे की पूरी कमान खुद प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल ने अपने हाथों में ले रखी थी । एयरपोर्ट से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के सभी तय कार्यक्रम का नेतृत्व बंसल कर रहे थे ।बिना उनकी अनुमति के किसी भी कार्यकर्ता या मंत्री को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही थी । खासतौर से महानगर के कार्यकर्ताओं को बंसल का निर्देश थाए कि किसी भी तरह का हुड़दंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमित शाह के दौरे पर एक बार फिर पूरी तरीके से संगठन पर बंसल की मजबूत पकड़ देखने को मिली । और स्थानीय नेताओं को बिना उनके निर्देश पर किसी भी तरह के कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जा रही थी।
By- Prasoon Pandey
Published on:
28 Jul 2018 07:33 am
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