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आगामी लोकसभा चुनाव से पहले मायावती का मास्टर स्ट्रोक,प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को लगा बड़ा झटका

भाजपा सरकार में हुए दलित उत्पीडन की कहानी घर घर बतायेंगे बसपा कार्यकर्ता ,बाटेंगे पर्चे और किताब

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इलाहाबाद :आगामी लोकसभा 2019 के चुनाव में अब बेहद कम समय बचा है। चुनाव के मद्देनजर सियासी दांव पेंच शुरू हो गया है। जहां एक तरफ भाजपा ने एससी एसटी एक्ट के विधेयक को दोबारा उसकी शक्तियां देकर देश की सियासत में हलचल मचा दी है।तो वहीं उत्तर प्रदेश में दलित वोटों पर अपना एकाधिकार समझने वाली बहुजन समाज पार्टी की मुखिया में खलबली मच गई है। और भाजपा के एससी एसटी एक्ट के कार्ड से निपटने के लिए मायावती ने मास्टर प्लान बनाया है।

इन मुद्दों के साथ घर घर जायेंगे बसपा कार्यकर्त्ता
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं को घर घर जाकर भाजपा सरकार में दलित उत्पीड़न की जानकारी देने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि एससी एसटी एक्ट लागू होने के बाद बसपा के अपने वोट बैंक में सेंध लगने का डर सता रहा है।बसपा सुप्रीमो ने पार्टी कार्यकर्ताओं को हर बूथ पर जाने का निर्देश देते हुए कहा की भाजपा सरकार में दलितों के ऊपर हुए अत्याचार को घर घर जाकर बताएं।खासतौर पर देश के बड़े दलित मुद्दों को हर दलित समाज के व्यक्ति तक पंहुचाने का निर्देश दिया है। जिसमें भीमा कोरेगांव रोहित वेमुला जैसे कांड शामिल है।

स्थानीय दलित उत्पीडन के पर्चे बाटने की तैयारी
बसपा सुप्रीमो के निर्देश पर बसपा कार्यकर्ता इस अभियान में जल्द ही जुटने की तैयारी में है। यह अभियान आगामी लोकसभा चुनाव तक चलेगा।साथ ही बसपा सुप्रीमो दलित उत्पीड़न को लेकर स्थानीय मुद्दों की एक किताब बनवाने में लगी है। जिसमें स्थानीय स्तर पर दलितों पर हुए अत्याचारों का जिक्र होगा। साथ ही अन्य स्थानीय मुद्दों को भी ध्यान में रखते हुए इसे प्रकाशित कराया जाएगा। बता दें कि बीते कुछ माह पहले शहर में एक दलित हत्याकांड का जिक्र पर्चे में कराया जा रहा है। जिसमें एक दलित छात्र को रेस्टोरेंट के बाहर पीट.पीटकर मार दिया गया था। इन सारे मुद्दों से बसपा एक बार फिर अपने वोट बैंक को साधने की तैयारी में लगी हुई।

बसपा अपने वोट बैंक को बचाने में लगी
जहां भाजपा ने एक तरफ एससी एसटी एक्ट का कानून लागू करके प्रदेश में राजनीतिक समीकरण को बदलने की कोशिश की है। तो वही बसपा अपने दिग्गज नेताओं के साथ इस मुद्दे पर गहन मंथन कर जमीन पर उतरने की तैयारी में है। जहां बीते चुनाव में बहुजन समाज पार्टी की स्थिति बेहद खराब रही। और बसपा के परम्परागत मतदाताओं ने भी भाजपा का साथ दिया था। ऐसे में अपने जनाधार को वापस पाने में के लिए बसपा अपनी पूरी ताकत लगाने की तैयारी कर ली है।जिसकी शुरुआत दलित उत्पीड़न को घर.घर पहुंचा कर करने से होगी।

हर बूथ पर लगाये गये कार्यकर्ता
बसपा जिला कोआर्डिनेटर संदीप कुशवाहा ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो के निर्देश पर पार्टी का हर कार्यकर्ता अपने.अपने बूथ पर लगा हुआ है। भाजपा कितने चुनावी दांव खेले लेकिन दलित समाज और हर पिछड़ा बहन मायावती पर ही विश्वास करता है।उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में बसपा एक बार फिर अपने कार्यकर्ताओं के साथ पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में है। जिसकी शुरुआत घर.घर जाकर कार्यकर्ता करेंगे।