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लेबर अधिकारों को निलंबित करने की अधिसूचना को चुनौती , केन्द्र व राज्य सरकार को नोटिस

याचिका की सुनवाई 18 मई को होगी

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Challenge notification of suspension of labor rights

लेबर अधिकारों को निलंबित करने की अधिसूचना को चुनौती , केन्द्र व राज्य सरकार को नोटिस

प्रयागराज 14 मई । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के श्रम विभाग द्वारा श्रमिक अधिकारों को निलंबित करने की अधिसूचना एवं संशोधन कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर केन्द्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी की है। याचिका की सुनवाई 18 मई को होगी।

यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने यू पी वर्कर्स फ्रंट की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका अधिवक्ता प्रांजल शुक्ल ने पक्ष रखा । कोर्ट ने कहा है कि 18 मई को याचिका पर वीडियो कान्फ्रेन्सिंग से सभी पक्षों की सुनवाई होगी।

मालूम हो कि राज्य सरकार ने फैक्ट्री कानून में श्रमिक अधिकारों को अध्यादेश से संशोधन कर अनुमोदन के लिए राष्ट्रपति को भेजा है और श्रम विभाग ने श्रमिक अधिकारों को निलंबित करने की अधिसूचना जारी की है। इस कानून से फैक्ट्री मालिकों को 12 घंटे काम लेने की अनुमति मिल गई है। अभी तक 8 घंटे तक कि ड्यूटी का प्रावधान था। अधिकतम 10 घंटे काम लेने की छूट थी।

याची का कहना है कि यह श्रमिकों के जीवन के मूल अधिकारों एवं श्रम कानूनों का उल्लंघन है। इससे अधिक मुनाफे के लिए श्रमिकों का शोषण किया जायेगा और उनकी नौकरी की गारंटी नहीं होगी।कानून की वैधता को चुनौती की इस याचिका पर कोर्ट ने नोटिस जारी की है तथा सभी को अपना पक्ष 18 मई को रखने का अवसर दिया है ।