
कुंभ 2019 बच्चा पैदा
प्रयागराज. कुंभ मेले में मन की मुराद पूरी हो गयी। रजनी को जिसका सालों से इंतजार था उसकी वो कुंभ में आकर मिला। तीन बेटियों के बाद मिर्जापुर की रजनी ने बेटे को जन्म दिया। संगम तट पर मेला क्षेत्र में बेटे के जन्म से रजनी और उसक परिवार ही नहीं बल्कि वहां बने अस्थायी केन्द्रीय चिकितसालय के लोग भी खुशी से फूले नहीं समा रहे। कुंभ ही नहीं अस्थायी अस्पताल में भी यह पहला बच्चा पैदा हुआ, जिसका नाम खुश होकर ‘प्रयागराज’ ही रख दिया गया। कुंभ में अब तक हम बिछड़ने की कहानियां सुनते आ रहे थे, पर ये कहानी कुछ पाने की है। बच्चे के जन्म के बाद डॉक्टर से लेकर परिजन सब मिठाई बांट रहे हैं। जिसे खबर मिल रही है वह ये कहते हुए बच्चे को देखने चला आ रहा है कि ‘कुंभ में ‘प्रयागराज’ हुआ है’।
मिर्जापुर जिले की लालगंज तहसील क्षेत्र के अमदह गांव का कल्लू कुंभ मेला क्षेत्र में सफाई कर्मी का काम कर रहा है। मौका था सो पत्नी रजनी को संगम स्नान करने के लिये प्रयागराज ले आया। रजनी पेट से थी। इसी बीच उसे प्रसव पीड़ा हुई तो मेला क्षेत्र में बनाए गए अस्थायी केन्द्रीय अस्पताल में दिखाने ले गया। वहां रजनी की हालत देखकर डॉक्टर ने उसे भर्ती कर लिया और जांच व रिपोर्ट के बाद स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वर्षा व रमा सिंह की निगरानी में समान्य प्रसव में रजनी ने एक चांद जैसे बेटे को जन्म दिया।
बेटा पैदा हुआ तो कल्लू और उसके परिवार के साथ ही अस्पताल के डॉक्टर से लेकर नर्स व कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गयी। कल्लू और रजनी के चेहरे पर खुशी छा गयी। इसी खुशी में सबने मिलकर उसका नाम प्रयागराज रख दिया। परिवार इस बच्चे को भगवान का वरदान मान रहा है। मां रजनी ने कहा कि यह बच्चा मेरे लिये खास है और मैं खुश हूं। बुआ बुधना ने भी खुशी जाहिर की। अस्पताल के डॉ. शक्ति सिंह ने बताया कि केन्द्रीय चिकित्सालय में यह पहली डिलिवरी थी। हमें उम्मीद नहीं थी कि यहां हम डिलिवरी केस हैंडल कर लेंगे। पर बड़ी ही सफलता से प्रसव हुआ और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। डॉक्टर से लेकर अस्पताल के कर्मचारी इसे अस्पताल की उपलब्धि और मां गंगा की कृपा मान रहे हैं।
Published on:
09 Jan 2019 03:47 pm
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