
प्रयागराज की स्मृति ने UPSC में चौथा स्थान हासिल किया।
स्मृति रोज 8 घंटे पढ़ाई करती थीं
स्मृति जब 10वीं में थीं, तभी IAS अफसर बनने की ठान ली थी। वे रोज 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। प्रतिदिन नोट्स तैयार करती थीं। स्मृति ने मीडिया को बताया, “मैं सब्जेक्ट पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए NCERT की किताबें पढ़ती थी। सामान्य ज्ञान बेहतर करने के लिए अखबार पढ़ती थी।”
उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को निरंतर पढ़ाई करने की सलाह दी है। खाली समय में ओरिगामी पेपर फोल्ड करके तरह-तरह की आकृतियां बनाना, सलाद सजाने और फ्री स्टाइल डांसिंग करना पसंद था।
स्मृति के दसवीं में 10 CGPA मिले थे
स्मृति बाघम्बरी गद्दी अल्लापुर की रहने वाली हैं। उन्हें तीसरे प्रयास में सफलता मिली। वर्तमान में वह नोएडा के सेक्टर-41 ई ब्लॉक में रहती हैं। पिता राजकुमार मिश्र बरेली में CO द्वितीय के पद पर तैनात हैं। उन्होंने दसवीं और 12वीं की पढ़ाई आगरा के सेंट क्लेयर स्कूल से की। दसवीं में 10 CGPA मिले थे। 12वीं में 96.6% अंक हासिल कर आगरा जिले में टॉप-5 मेधावियों में जगह बनाई थी। इसके बाद वह भाई लोकेश के साथ नोएडा आ गईं।
यहीं पर किराए पर रहकर आगे की पढ़ाई करने लगीं। साल 2019 में दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज से BSC लाइफ साइंस से विश्वविद्यालय की सेकेंड टॉपर थीं। सिविल सेवा परीक्षा की मुख्य परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय जीव विज्ञान था।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में LLB कर रही हैं
स्मृति मिश्रा ने कहा, “मैं IAS अधिकारी बनकर महिला सशक्तिकरण और कूड़ा निस्तारण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्राथमिकता देंगी। वर्तमान में वह दिल्ली विश्वविद्यालय में एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा हैं।” मां अनीता मिश्रा गृहणी हैं। भाई लोकेश सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं। स्मृति बताती हैं कि उन्होंने ग्रेजुएशन के दौरान ही आईएएस बनने के लिए यूपीएससी परीक्षा देनी शुरू कर दी थी।
Published on:
24 May 2023 11:36 am
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