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सादा भोजन करने से ठीक हुए कोरोना संक्रमित आठ मरीज, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ली ये डाइट

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सबसे जरूरी है कि व्यक्ति की इम्युनिटी स्ट्रांग हो

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सादा भोजन करने से ठीक हुए कोरोना संक्रमित आठ मरीज, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ली ये डाइट

सादा भोजन करने से ठीक हुए कोरोना संक्रमित आठ मरीज, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ली ये डाइट

प्रयागराज. कोरोना वायरस (C0vid-19) से लड़ने के लिए सबसे जरूरी है कि व्यक्ति की इम्युनिटी स्ट्रांग हो। सरकारों ने भी अच्छे और इम्युनिटी बढ़ाने वाले खानपान पर जोर दिया है। अब तक जितने कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक हुए हैं, उनमें उनके खानपान पर विशेष ध्यान रखा गया है। अस्पताल में एडमिट होने से लेकर क्वारंटाइन पीरियड तक, लोगों को इस तरह के खानपान की सलाह दी जा रही है, तो उनकी इम्युनिटी बढ़ाए और कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लड़ने में कारगर साबित हो। प्रयागराज के कोटवा अस्पताल में इसका एक उदाहरण देखने को मिला। यहां रखे गए संक्रमितों को समय पर नाश्ता और खाना देने के साथ पीने के लिए आरओ का पानी दिया जाता है। खाने में इम्युनिटी बढ़ाने का पूरा ख्याल रखा जाता है। इसी का नतीजा रहा कि अब तक आठ लोगों ने जानलेवा कोरोना वायरस पर विजय पा ली है। स्वस्थ होकर घर गए।

अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. वीके मिश्रा के मुताबिक मरीजों को वही खाना (Diet for Covid-19) दिया जाता है, जो उनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सके। तेल, मसाला व तीखा नहीं दिया जाता है। पीने के लिए पानी भी आरओ का मिलता है।

क्या थी डाइट

सभी संक्रमित लोगों को सुबह सात बजे चाय के साथ बिस्किट व कोई नमकीन दी जाती है। इसके बाद नौ बजे उन्हें हल्का नाश्ता जैसे पोहा, सादी पकौड़ी आदि दिया जाता है। दोपहर करीब 12 बजे उन्हें खाना मिलता है। इसमें दाल, रोटी, चावल और सब्जी होती है। दाल कभी अरहर की होती है तो कभी मिक्स। कभी-कभी राजमा आदि भी दिया जाता है। दोपहर बाद तीन से चार बजे के बीच उन्हें खाने के लिए फल मिलता है। इनमें संतरा, केला के साथ अन्य मौसमी फल होते हैं। पांच बजे के आसपास फिर चाय, बिस्किट और नमकीन दिया जाता है। इसके बाद रात में करीब नौ बजे फिर सादा खाना दाल, रोटी, चावल और सब्जी खाने में मिलता है। पूरे 14 दिनों तक यहीं उनका रुटीन होता है।

समस्या के मुताबिक देते हैं दवाइयां

कोरोना वायरस से निपटने के लिए अबी तक कोई वैक्सीन नहीं है। ऐसे में मरीजों को मलेरिया की दवा देकर इलाज किया जा रहा है। हर व्यक्ति के अनुसार, उन्हें दवा दी जा रही है। वहीं, 14 दिनों तक क्वारंटीन के दौरान सादे व नियमित खाने के अलावा अगर उन्हें कोई दिक्कत होती है तो उसकी दवाएं दी जाती हैं। जैसे बुखार है तो बुखार की दवा, शरीर में दर्द या खांसी है तो उसकी ही दी जाती है। इसके अलावा एक एंटी बायोटिक गोली देते हैं।

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