
Day before Mahant Nerendra Giri Death Huge Amount was Brought in Math
प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे दिवंगत महंत नरेंद्र गिरी (Narendra Giri) की मौत से एक दिन पहले मठ में बड़ी रकम आई थी। यह रकम हरिद्वार से बाघंबरी मठ गद्दी आई थी। सीबीआई (CBI) की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है। यह भी पता चला है कि यह रकम लाने वाले व्यक्ति ने महंत से गेस्ट हाउस में मुलाकात की थी। कितनी रकम आई थी इसका पूरा खुलासा नहीं हुआ है। जांच टीम इस बात का पता लगा रही ही यह रकम किसके कहने पर आई थी। रकम का सोर्स क्या है। इस रकम को आधार मानते हुए कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं यह रकम ही तो महंत की मौत का कारण नहीं है।
आनंद गिरि से पूछताछ
इस बारे में सीबीआई ने महंत के आरोपियों आनंद गिरि, आध्या तिवारी और संदीप तिवारी से पूछताछ की है। इससे पहले सोमवार को सीबीआई ने मुख्य आरोपी आनंद गिरि से पूछा था कि महंत नरेंद्र गिरि की मौत की खबर हरिद्वार में किसने दी? मठ छोड़ने के बाद आखिरी बार कब महंत नरेंद्र गिरि से बात हुई? किसके कहने पर हरिद्वार आश्रम में कार्रवाई की गई? गुरु और शिष्य के बीच किन लोगों ने मध्यस्थता की थी? हरिद्वार जाने के बाद किन लोगों के संपर्क में थे? महंत नरेंद्र गिरि को किसके जरिए सूचना मिल रही थी कथित वीडियो की?
सीबीआई की एफआईआर में महंत नरेंद्र गिरि की संदेहास्पद मौत 20 सितंबर को दिन में 12:30 से शाम पांच बजे के बीच किसी समय हुई थी। मठ से उनके कक्ष के आखिरी सीसीटीवी फुटेज में वह दिन के 12: 24 बजे सीढ़ियों से उतरते दिखाई दिए थे। शाम पांच बजे के बाद दरवाजा तोड़कर महंत के गले में कसी नायलॉन की रस्सी का फंदा काटकर शव नीचे उतारने का दावा करने वाले मठ के मुंशी सर्वेश तिवारी उर्फ बब्लू से उस दिन महंत की आखिरी बात दिन में करीब एक बजे फोन पर हुई थी। बब्बू के अनुसार दोपहर 12:15 बजे खाना खाने के बाद ही महंत आगंतुक कक्ष में किसी से मुलाकात के लिए नीचे आए थे। मुलाकात से पहले उन्होंने बब्लू और अन्य करीबी सेवादारों को बताया था कि कोई मिलने के लिए आने वाला है, तुम लोग आसपास ही रहना। लेकिन, इसके बाद के घटनाक्रम की किसी को भी जानकारी नहीं है।
बलबीर होंगे महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी
महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद बाघंबरी मठ का उत्तराधिकारी बलबीर गिरि को चुना गया है। महंत के सुसाइड नोट में बलबीर गिरि को उत्तराधिकारी घोषित करने की बात कही गई थी। इसी के आधार पर शिष्य बलबीर गिरि को महंत नरेंद्र गिरि का उत्तराधिकारी बनाया जाएगा। यह फैसला अखाड़ा परिषद के पंच परमेश्वरों ने वसीयत के आधार पर लिया है। महंत बलबीर गिरि को श्रीमठ बाघंबरी की गद्दी पर बैठाया जाएगा। पांच अक्टूबर को नरेंद्र गिरी का षोडशी संस्कार होना है। इसी दिन बलबीर गिरि को बाघंबरी मठ की कमान सौंपी जाएगी।
सुसाइड नोट के अनुसार फैसला
महंत नरेंद्र गिरि की जिस कमरे में मौत हुई थी उस कमरे में उनके शव के पास से सुसाइड नोट मिला था। सुसाइड नोट में महंत ने अपने शिष्य बलबीर गिरि के उत्तराधिकारी घोषित करने की बात लिखी थी। जांच में वह लिखावट महंत की ही पाई गई थी।हालांकि, इससे पहले मठ पंच परमेश्वरों ने सुसाइड नोट को फर्जी बताते हुए बलबीर गिरि को उत्तराधिकारी बनाने से इनकार कर दिया था। महंत नरेंद्र गिरि की रजिस्टर्ड वसीयत का खुलासा हुआ था, जिसमें उन्होंने जून 2020 में बलबीर गिरि को अपना उत्तराधिकारी बनाया है। वसीयत के आधार पर ही मठ का उत्तराधिकारी चुना जाता है। इस आधार पर भी बलबीर गिरि को उत्तराधिकारी घोषित किया गया है।
जारी है सीबीआई जांच
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के संदिग्ध मौत का मामले में सीबीआई की जांच लगातार जारी है। सीबीआई की जांच का बुधवार को पांचवां दिन है, जबकि उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपियों से पूछताछ का दूसरा दिन है। सीबीआई ने मुख्य आरोपी आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी को सात दिन रिमांड पर लिया है। उनसे अलग-अलग सात घंटे कड़ी पूछताछ की गई है। इस पूछताछ में सीबीआई को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में जिस वीडियो का जिक्र किया है, सीबीआई को उस वीडियो का भी क्लू मिला है। सीबीआई की शुरुआती जांच में कई अन्य लोगों के भी नाम सामने आ रहे हैं। अब सीबीआई चार्जशीट में अन्य आरोपियों के नाम शामिल करेगी।
Published on:
29 Sept 2021 04:55 pm
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