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जेपी मूवमेंट में जेल गये लोगों को नहीं मिलेगा लोकतंत्र सेनानी पेंशन 

बिहार सरकार दे रही है लोकतंत्र सेनानी पेंशन, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका 

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Ashish Kumar Shukla

Mar 29, 2016

highcourt

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इलाहाबाद. जेपी आन्दोलन में भाग लेने वाले आन्दोलनकारियों को मीसा बंदी के समान लोकतंत्र सेनानी पेंशन का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसे लेकर दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिका अनिल कुमार सिंह और 13 अन्य लोगों ने दाखिल की है। सभी देवरिया जिले के रहने वाले हैं। याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डा.डी.वाई.चन्द्रचुड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने सुनवायी की।

याचीगण जेपी आन्दोलन में 10 अक्टूबर 1974 से 11 नवम्बर 1974 तक जेल में बंद थे। याची के वकील प्रांजल शुक्ला का कहना था कि इमरजेंसी के दौरान जेल में मीसा के तहत बंद किये गये लोगों को सरकार लोकतंत्र सेनानी पेंशन दे रही है। जेपी आन्दोलन के कारण ही देश में इमरजेंसी लगायी गयी थी। बिहार राज्य में जेपी मूवमेेंट में जेल गये लोगों को भी लोकतंत्र सेनानी के समान पेंशन दे रही है। इसलिए यूपी में भी जेपी मूवमेंट के बंदियों को पेंशन दी जाए।

स्थायी अधिवक्ता रामानंद पाण्डेय का कहना था कि यूपी में 14 सितम्बर 12 को नीति बनायी गयी जिसमें तय किया गया कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक जेल गये लोगों को ही लोकतंत्र सेनानी माना जायेगा और उनको सरकार द्वारा अनुमन्य पेंशन और अन्य लाभ दिये जायेंगे। कोर्ट ने कहा कि पेंशन देना सरकार का नीतिगत मामला है। इसलिए अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी।

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