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डॉ सुब्रमण्यम स्वामी का बड़ा बयान ,सरकार काशी – मथुरा को भी मुक्त कराएं ,डॉ मुरली मनोहर जोशी ने जताई …

अशोक सिंघल की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पंहुचे

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Dr Subramanian Swami statement Government should free Kashi Mathura,Dr Subramanian Swami statement Government should free Kashi Mathura

डॉ सुब्रमण्यम स्वामी का बड़ा बयान ,सरकार काशी - मथुरा को भी मुक्त कराएं ,डॉ मुरली मनोहर जोशी ने जताई ...,डॉ सुब्रमण्यम स्वामी का बड़ा बयान ,सरकार काशी - मथुरा को भी मुक्त कराएं ,डॉ मुरली मनोहर जोशी ने जताई ...

प्रयागराज। विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल की पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ मुरली मनोहर जोशी राज्यसभा सांसद डॉ सुब्रमण्यम स्वामी सम्मिलित होने पहुंचे। राम जन्मभूमि के फैसले के बाद अरुंधति वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से आयोजित इस पहले कार्यक्रम में शहर के गणमान्य लोगों की उपस्थिति भारी तादाद में रही। सिंघल की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में एक बार फिर डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र सरकार से कृष्ण जन्म स्थान और विश्वनाथ मंदिर के लिए जमीन अधिग्रहित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि संविधान में इसके लिए प्रावधान भी है। उनके इस वक्तव्य का पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ मुरली मनोहर जोशी ने समर्थन किया।

धर्म की संकुचित व्याख्या हुई
गौरतलब है कि अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से अशोक सिंघल की हर पुण्यतिथि पर संगोष्ठी आयोजित की जाती है। ये संगोष्ठी बीते दिनों सुनिश्चित थी ,लेकिन अयोध्या फैसले के बाद से इसे कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया था। पीठ द्वारा "धर्म समग्र विकास का सनातन मार्ग विषयक व्याख्यान माला" आयोजित की गई। जिसमें भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मुरली मनोहर जोशी ने धर्म के मूल को कैसे समझें इस विषय पर अपना वक्तव्य दिया। उसने कहा कि अंग्रेज इतिहासकारों ने धर्म को संकुचित रूप देकर उसे रिलीजन का पर्याय बना दिया। जबकि व्यापक विचारधारा है, धर्म सनातन है।अन्य सभी रिलीजन जैसे यहूदी, ईसाई ,इस्लाम आदि भी यही मानते हैं कि कोई शक्ति सृष्टि के बाहर की है जो धरती को चलाती है ,और धरती पर अपना मसीहा भेजकर यहां शासन चलाती है। लेकिन धर्म इसे नहीं मानता, इस सृष्टि के बाहर से कोई नहीं चलाता बल्कि सृष्टि के साथ ही उत्पन्न हुआ है। ये सनातन और सब के लिए है। धर्म पूजा पद्धति पर निर्भर नहीं करता है और धर्म में कोई मतभेद भी नहीं है। यह सभी को समाविष्ट करता है।पूर्वाग्रह से ग्रसित नहीं होता और ना ही किसी से विरोध होता है। आज मनुष्य धर्म से नहीं चलने के कारण विसंगतियां ,हिंसात्मक प्रवृत्ति बढ़ गई है विशेषकर महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध बढ़े हैं समाज को फिर से धर्म अनुशासित करने की आवश्यकता है।

काशी -मथुरा को सरकार मुक्त कराए
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व केंद्रीय विधि व वाणिज्य मंत्री डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि धर्म आस्था से जुड़ा है। बिना आस्था के धर्म नहीं हो सकता धर्म के क्रियान्वयन के समय यह ध्यान रखना होगा। जैसा कि कृष्ण ने गीता में कहा है कि धर्म गुणों के आधार पर होना चाहिए ।उन्होंने कहा संविधान के अनुच्छेद 25 में पूजा का अधिकार मूलभूत अधिकार है ।राम जन्मभूमि पर निर्णय आस्था के आधार पर आया उन्होंने कहा कि मथुरा श्रीकृष्ण की जन्मस्थली है और काशी में ज्योतिर्लिंग है ।इसलिए आस्था को देखते हुए सरकार दोनों स्थानों पर मंदिर के कब्जे वाली जमीन को मुक्त कराएं। दोनों वक्ताओं सहित सभी ने अशोक सिंघल को नमन किया और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

सिंघल के घर पर बिताया कुछ समय
गौरतलब है कि डॉ मुरली मनोहर जोशी मैं अपना घरेलू नाता प्रयागराज से खत्म कर लिया है। लेकिन अपना घर अंग्रेज को बेचने के बाद दूसरी बार प्रयागराज में थे। इस दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सैकड़ों प्रोफेसर मौजूद रहे ।शहर के गणमान्य लोगों ने डॉ जोशी का स्वागत अभिनंदन किया। डॉक्टर जोशी और सुब्रमण्यम स्वामी दोनों पीठ के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए दोनों लोग कुछ समय के लिए अशोक सिंघल के घर महावीर भवन भी गये वहां वृक्षराज की पूजाअर्चना की और देर शाम प्रयागराज से विदा हो गए।