
डॉ. सुशील कुमार सिन्हा ने एशिया की प्रमुख कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष पद के चुनाव में बड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद चौधरी राघवेंद्रनाथ सिंह को 128 वोटों से पीछे छोड़ दिया। इस चुनाव में जनता का उत्साह पूरी तरह से प्रकट था, और सोमवार को 32 बूथों पर कुल 9563 मत दर्ज हुए। इस प्रक्रिया में कुछ आंदोलन और मारपीट की घटनाएं भी सामने आईं। जिसको लेकर काफी गहमा गहमी का माहौल रहा। चुनाव के एक दिन पहले रविवार को दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों में जमकर मारपीट हो गई थी जिसमें डेढ़ सौ से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
चुनाव में दो मुख्य दल बने जिसमें एक चौधरी जितेंद्रनाथ सिंह और सिद्धार्थनाथ जहां राघवेंद्रनाथ के समर्थन में थे, तो दूसरे तरफ डॉ. सुशील सिन्हा के समर्थन में चौधरी केपी श्रीवास्तव और टीपी सिंह थे। प्रतिष्ठा और उम्मीदों के बीच का यह मुकाबला चुनाव को महत्वपूर्ण बनाता है। इस ट्रस्ट में कई वर्षो से काबिज थे चौधरी परिवार के लोग। वहीं एमएलसी चौधरी सुशील सिंह सिन्हा के समर्थन में आए।परिणाम आने के बाद सुशील के संबंध को ने जमकर आतिशबाजी की।
Published on:
27 Dec 2023 08:26 am
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