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बिजली चोरों की अब खैर नही , पकड़े जाने पर जायेंगे जेल , घोषित होंगे हिस्ट्रीशीटर

बिजली चोरों से परेशान विभाग

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Electricity thieves will be declared history sheets

बिजली चोरों की अब खैर नही , पकड़े जाने पर जायेंगे जेल , घोषित होंगे हिस्ट्रीशीटर

प्रयागराज । बिजली विभाग ने बिजली चोरों के खिलाफ सख्ती करने का मन बना लिया है। एक तरफ जहां डिवीजन के अधिकारियों को विभाग द्वारा नवंबर माह तक 300 करोड़ रुपए की वसूली का लक्ष्य दिया गया है।तो वही बिजली चोरों के खिलाफ कार्यवाही के लिए विभाग ने जिले में एक अलग थाना खोल दिया है। जिले के 12 डिवीजनों को 300 करोड़ रुपए से अधिक के बकाए की वसूली का लक्ष्य दिया गया है। जो विभाग के अधिकारियों के लिए सरदर्द बन गया है। बिजली विभाग के अधिकारियों को दिए गए लक्ष्य के मुताबिक वसूली ना करने के मामले में शहरी इलाके के 17 उपखंड के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाई की तलवार लटक रही है।

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वही बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ भी विभाग सख्त हो गया है। विभाग ने जिले में बिजली चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए एक अलग थाना खोल दिया है। थाने की पुलिस अब बिजली चोरों के खिलाफ कार्यवाही कर उनकी हिस्ट्री सीट खोलेगी। बिजली विभाग के इस थाने में दो बार से अधिक बिजली चोरी करते हुए पकड़े जाने पर आरोपियों को हिस्ट्रीशीटर घोषित किया जाएगा। विद्युत अधिनियम की धारा 138 ई के तहत आरोपित की गिरफ्तारी भी की जा सकती है। पहले पुलिस थानों में बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज तो होते थे। लेकिन उनकी विवेचना और कार्यवाही सही समय पर पूरी नहीं हो पाती थी। अब बिजली का अलग थाना बन जाने से यह कार्यवाही जल्द और आसानी से शुरू हो सकेगी।

बिजली विभाग के इस थाने के उप निरीक्षक महेंद्र शुक्ला के अनुसार बिजली चोरी वालों से संबंधित अन्य मुकदमों का रिकॉर्ड सीसीडीएनएसए (क्राईम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) पर मुकदमों को रखा जाने लगा है। इसके अलावा रजिस्टर भी तैयार हो रहे हैं। नैनी के इंदलपुर में बनाए गए बिजली विभाग के विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाने में तैनात पुलिस कर्मियों का प्रशिक्षण प्रयागराज और वाराणसी में कराया जा चुका है। बिजली चोरी रोकने के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई है। जो हफ्ते में दो दिन छापेमारी करेंगी ।बताया कि थाने की पुलिस को विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत काफी अधिकार भी दिए गए हैं। पहली बार बिजली चोरी पकड़े जाने पर थाने की पुलिस कोई अधिकार होगा कि वह आरोपी को तीन माह तक बिजली का प्रयोग करने से रोक सके। इसके बाद पकड़े जाने पर गिरफ्तारी का प्रावधान है।

बिजली चोरी करने वाले तार में कटिया मारकर चलाना ,मीटर बायपास करके बिजली की रीडिंग कम करना ,मीटर में डिवाइस लगाना मीटर में पिन लगाकर एरियल बंच कंडक्टर काटकर खेल करने वालों पर नजर है। वही उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के एमडी अपर्णा ने शहरी क्षेत्रों में तैनात एसडीओ को तय समय में बकायेदारों से पैसा ना वसूलने पर उनके स्थानांतरण और कार्यवाही की चेतावनी दी है। साथ ही स्थानीय एसडीओ को भी कहा गया है कि अगर समय से वसूली नहीं होती है। तो अधिकारी जिम्मेदार होंगे ।