
संविधान से ना मंदिर बना है ना ही बनेगा, किन्नर आखाड़ा उत्तर भारत की महामंडलेश्वर भवानी मां से बातचीत
विनोद सिंह चौहान, प्रयागराज.
संविधान से कभी मंदिर ना बने हैं और ना ही बनेंगे। मंदिर हमेशा संत-साधुओं ने बनवाए हैं और इस बार भी मंदिर साधु-संत ही बनवाएंगे। रही बात राम मंदिर की तो गारे में पानी की जगह खून की जरूरत पड़ी तो खून देने के लिए भी किन्नर सबसे पहले खड़़ा दिखाई देगा, क्योंकि राम मेरे हैं। यह कहना है कि किन्नर अखाड़ा से जुड़ी उत्तर भारत की महामंडलेश्वर भवानी मां का। उनका कहना है कि दिल्ली में छह नवंबर को तालकटोरा स्टेडियम में धर्म संसद लगी थी, जिसमें अखिल भारतीय संत समिति को अपना समर्थन दिया है। सनातन धर्म के लिए उसके लिए किन्नर अखाड़ा प्रतिबंध है। मेरे प्रभु का मंदिर अयोध्या में होना चाहिए। हम कोर्ट और सरकार पर प्रेशर ना डालकर, अपने संतों और समाज का सम्मान करने लगे तो मंदिर जरूर बनेगा।
प्रयागराज कुंभ में पहली बार शिरकत करने को लेकर भवानी मां का कहना है कि जिस आजाद देश में किन्नर 70 साल तक गुलाम रहें, हमें वर्ष 2014 में मान्यता मिली है और 2016 से हम सनातन धर्म में आई हूं तो हर चीज मेरे लिए पहली ही होगी। यह आप लोगों का सोचना है कि हम पहली बार है। हम आपके ही समाज में रहते हैं।
कुंभ मेले में दूर जगह देने के सवाल पर भवानी मां ने कहा कि मैं सनातनी हूं और किताबों में मेरा उल्लेख है। नंबर गैम या पहले का झगड़ा तो औरत और आदमी में हो सकता है। किन्नर के लिए तो कहीं भी मिल जाए पूरा समाज उसका है।
मुझे कहीं भी जगह मिले, मैं संतुष्ट हूं। हर दो किलोमीटर पर सीसीटीवी कैमरा है, जो सुरक्षा के हिसाब से बेहतर है। मेला जितना बड़ा होगा, उतना ही बढ़ेगा और पूरा हिंदुस्तान में मेले लगने चाहिए।
Published on:
26 Jan 2019 10:37 am
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