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कंधे पर बेटे का शव रखकर 25 किमी तक पिता चला था पैदल, जांच के लिए पहुंची राज्य मानवाधिकार आयोग टीम

प्रयागराज यमुना पार करछना के रामपुर सेमरहा गांव के रहने वाले मजदूर बजरंगी यादव का नौ वर्षीय बेटा सुभम यादव को एक अगस्त को करंट के चपेट में आ गया था और उसकी हालत गंभीर हो गई थी। इलाज के लिए उसे गांव में स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक में ले जाया गया, जहां से जवाब मिलने पर रामपुर स्थित नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
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प्रयागराज

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Sumit Yadav

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Updated: 8 Aug 2022, 2:48 PM IST

कंधे पर बेटे का शव रखकर 25 किमी तक पिता चला था पैदल, जांच के लिए पहुंची राज्य मानवाधिकार आयोग टीम

कंधे पर बेटे का शव रखकर 25 किमी तक पिता चला था पैदल, जांच के लिए पहुंची राज्य मानवाधिकार आयोग टीम

प्रयागराज: दो अगस्त को प्रयागराज जिले में दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई थी। बेटे का शव लेकर बेबस पिता अस्पताल से घर सफर 25 किमी तक पैदल चलकर पूरा किया था। जब इस मामले की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। आनन-फफन में प्रशासन मामले को जुलझने में जुटे रहे लेकिन मामला तूल पकड़ता गया। एक परेशान पिता को जब एंबुलेंस नहीं मिली तो पोस्‍टमार्टम के बाद बेटे के शव को कंधे पर लादकर वह पैदल घर गया था। अब इस मामले की जांच करने के लिए राज्य मानवाधिकार आयोग की टीम भी प्रयागराज पहुंच गई है। जांच टीम प्रयागराज में अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ के बाद टीम बेटे के शव को ले जाने वाले बजरंगी यादव के घर करछना के रामपुर सेमरहा भी जाएगी।

आयोग ने किया स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों को तलब किया

राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रयागराज पहुंचकर सबसे पहले स्वास्थ्य अधिकारियों को तलब किया है। राज्‍य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस बालकृष्ण नारायण सर्किट हाउस में पहुंच कर सीएमओ डा. नानक सरन और मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डा. एसपी सिंह को सर्किट हाउस में आवश्यक दस्तावेजों के साथ तलब किया है। इसने सभी घटना के बारे में की गई लापरवाही के बारे में जानकारी लेगी।

यह था पूरा मामला

प्रयागराज यमुना पार करछना के रामपुर सेमरहा गांव के रहने वाले मजदूर बजरंगी यादव का नौ वर्षीय बेटा सुभम यादव को एक अगस्त को करंट के चपेट में आ गया था और उसकी हालत गंभीर हो गई थी। इलाज के लिए उसे गांव में स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक में ले जाया गया, जहां से जवाब मिलने पर रामपुर स्थित नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम के लिए एसआरएन अस्पताल लाया गया और पोस्टमार्टम के बाद एम्बुलेंस न मिलने पर वह 25 किलोमीटर बेटे का शव कांधे पर रखकर घर पैदल गया था।

वीडियो वायरल होने पर प्रशासन से मिला लाभ

घटना की सच्चाई जब जिला प्रशासन को पता चली तो डीएम संजय कुमार खत्री ने एसडीएम करछना, सीएमओ और मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल को जांच सौंप दी। मामले में गंभीरता से जांच के बाद टीम ने रिपोर्ट के आधार पर करछना इंस्पेक्टर व सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की गई। साथ ही विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंता को भी निलंबित किया गया। पीडि़त परिवार को पांच लाख रुपये, अंत्योदय कार्ड, आवासीय जमीन का पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, आयुष्मान कार्ड का लाभ दिलाया गया है।

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अब मानवाधिकार टीम करेगी जांच

मामले की जांच करने और पीड़ित परिवार से मिलने राज्य मानवाधिकार आयोग की टीम ने स्वतंत्र संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कर रही है। आयोग के अध्यक्ष व कई सदस्य प्रयागराज पहुंच गए हैैं।

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