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घर में तेंदुए की एंट्री से मचा हड़कंप, बाहर से बंद किया गया दरवाजा, 9 घंटे बाद खत्म हुई दहशत

हनुमानगंज के छिबैयां गांव में गुरुवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ अचानक गांव के भीतर घुस आया। सुबह करीब आठ बजे तालाब की ओर से आए तेंदुए ने अलाव ताप रहे चाचा-भतीजे पर हमला कर दिया।

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leopard attack Nagpur

भायंदर में तेंदुए का आतंक (Photo: ANI/File)

हनुमानगंज के छिबैयां गांव में गुरुवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ अचानक गांव के भीतर घुस आया। सुबह करीब आठ बजे तालाब की ओर से आए तेंदुए ने अलाव ताप रहे चाचा-भतीजे पर हमला कर दिया। हमले में 35 वर्षीय मनोज भारतीय और 25 वर्षीय सूर्य प्रताप गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए पास के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।

घर में घुसा तेंदुआ

ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ भागता हुआ गांव में स्थित शेखर सिंह के घर में घुस गया। घर में तेंदुए के दाखिल होते ही परिवार में दहशत फैल गई। किसी तरह घर के एक कमरे में मौजूद महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित रखा गया। दूसरे कमरे में फंसे दो बच्चों और एक गर्भवती महिला को ग्रामीणों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकाला।

पूरे गांव में डर और तनाव का माहौल

घटना की सूचना मिलते ही झूंसी पुलिस, वन विभाग और पीएसी की टीम मौके पर पहुंची। देखते ही देखते मौके पर हजारों ग्रामीण जमा हो गए। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और पीएसी ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और बैरिकेडिंग कर दी। ग्रामीणों को घर के पास जाने से रोक दिया गया।

तेंदुए को पकड़ने के लिए घर के भीतर पिंजड़ा और जाल लगाए गए। करीब नौ से दस घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शाम करीब सात बजे कानपुर से आई वन विभाग की ट्रैंकुलाइजर टीम ने तेंदुए को काबू में किया। इस दौरान पूरे गांव में डर और तनाव का माहौल बना रहा।

9 घंटे बाद खत्म हुई दहशत

ग्रामीणों के अनुसार, यह वही तेंदुआ है जो पिछले करीब छह महीनों से झूंसी और हनुमानगंज इलाके में दहशत का कारण बना हुआ था। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।