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फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा ने कोर्ट में दाखिल याचिका ली वापस, जानें पूरा मामला

Jaya Prada से जुड़ा मामला लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित है, जब वह रामपुर सीट से BJP की उम्मीदवार थीं।

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 Film actress Jayaprada withdrew the petition filed in the court

Jaya Prada: अभिनेत्री जया प्रदा ने रामपुर की विशेष अदालत में (एमएलएएपी) लंबित मामले में जारी गैर जमानती वारंट के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका को फिलहाल वापस ले लिया है। जया प्रदा के अधिवक्ता ने बेहतर याचिका दाखिल करने के लिए कोर्ट के समख यह अनुरोध किया। जिसके बाद कोर्ट ने नई याचिका दाखिल करने की उन्हें छूट दे दी।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की पीठ कर रही थी। जया प्रदा ने रामपुर की विशेष अदालत की ओर से जारी एनबीडब्ल्यू को रद्द कराने सहित अन्य मांगों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन पर लोक सभा चुनाव के मामले में आचार संहिता उल्लंघन करने का आरोप है। रामपुर की विशेष अदालत मामले की सुनवाई कर रही है। उसने जया प्रदा को अदालत के समक्ष उपस्थित होने के लिए छह बार जमानती वारंट जारी किया था।

इसके बावजूद वह उपस्थित नहीं हुईं तो गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि छह मार्च को आरोपी को अदालत के समक्ष उपस्थित करें। जया प्रदा ने इसी को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान जया प्रदा ने नए सिरे से याचिका दाखिल करने के लिए पीठ से अनुरोध किया। पीठ ने अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें नए सिरे से याचिका दाखिल करने की छूट दे दी।

आचार संहिता के उल्लंघन के दो मामलों में पूर्व सांसद जयाप्रदा को रामपुर की ट्रायल कोर्ट ने राहत नहीं दी थी। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी के लिए एसपी को विशेष निरीक्षक की तैनाती कर कोर्ट में पेश करने को कहा है। इसके साथ ही उनके जमानतियों को भी नोटिस जारी किया था।

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स्वार और केमरी थाने में लोकसभा चुनाव के दौरान पूर्व सांसद जयाप्रदा के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में 2019 में दो केस दर्ज किए गए थे। दोनों मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। स्वार में दर्ज एक मामले में अभियोजन की गवाही पूरी हो चुकी है और पूर्व सांसद को अपने बयान दर्ज कराने हैं।

वह बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट नहीं पहुंचीं। केमरी थाने में दर्ज आचार संहिता उल्लंघन के अन्य मामले में अभियोजन की गवाही चल रही है। इसमें भी पूर्व सांसद कोर्ट नहीं पहुंच रहीं। कोर्ट लगातार दोनों मामलों में गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुकी है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता असगर ने पूर्व सांसद की ओर से गैर जमानती वारंट को निरस्त करने के लिए फिर से प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस निरीक्षक की तैनाती करने के आदेश एसपी को दिए हैं। इसके साथ ही उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उनके जमानतियों को भी नोटिस जारी किए हैं।