
रिटायर्ड डीआईजी रामेंद्र विक्रम सिंह की पत्नी की शिकायत पर कोर्ट ने उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया है। उनके साथ 16 अन्य लोगों पर प्रयागराज के थाना शिवकुटी में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है। मामले में पूर्व डीआईजी रामेंद्र विक्रम सिंह की पत्नी उमा सिंह का आरोप है कि वह बलराम शैक्षिक एवं समाज सुधार समिति सिरहिर मेजा प्रयगराज की सचिव हैं। समिति की ओर से प्रयागराज के सिरहिर और बलिया के दिघरगढ़ में महाविद्यालय संचालित किया जा रहा है। जिसकी वह प्रबंधक हैं। आरोप है कि सेवा निवृत्त आईपीएस रामेंद्र विक्रम सिंह ने अपने १६ अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर बेईमानी की मंशा से उमा सिंह ने फर्जी हस्ताक्षर किया। इसके अलावा कई फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए। इसके अलावा रामेंद्र विक्रम सिंह ने कूटरचना करते हुए साल २०१७ से लेकर २०२२-२३ के लिए सोसायटी के सामान्य निकाय के सदस्यों की एक सूची तैयार की और उमा सिंह के फर्जी हस्ताक्षर करते हुए सहायक रजिस्ट्रार के कार्यालय में जमा भी करा दिया। जिसपर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
पत्नी और बेटी देख रही थीं कालेज का करोबार
सेवा निवृत्त आईपीएस रामेंद्र विक्रम सिंह मूल रूप से प्रयागराज के सिरहिर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने गांव में ही एक महाविद्यालय बनवाया। जिसकी देखरेख पत्नी और उनकी बेटी मंशा करती थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ सालों से पत्नी बेटी मंशा और रामेंद्र विक्रम सिंह के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।
Published on:
09 May 2024 08:47 pm
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