
वाल्थर पी -88 और ब्रिटिश बुलडॉग हथियार
उमेश पाल की हत्या में विदेशी हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। हत्या की साजिश रचने के समय ही तय हो गया था की कारतूस विदेशी होंगे जिससे मिस होने का खतरा न रहे।
गुडडू मुस्लिम और शूटर गुलाम ने ख़रीदा था हथियार
हथियार की डील गुड्डू मुस्लिम और गुलाम ने की थी। हथियार के सौदागर ने राजस्थान में इसकी डीलिंग की थी। किसके जरिए हथियार राजस्थान पंहुचाए गए हैं इसकी जांच STF कर रही है।
वारदात को अंजाम देने के बाद जब सभी आरोपी दूसरे जगहों पर रहेंगे, तो उनके खर्चे के लिए दो करोड़ रुपए का भी इंतजाम किया गया था।
लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियार लिए गए
वाल्थर पी -88 और ब्रिटिश बुलडॉग हथियार ख़रीदा गया था। सभी हथियार लंबी दूरी तक मार कर सकते थे। ऐसे हथियारों की कीमत लगभग 8 से 12 लाख रुपए के बीच में होती है। इन हथियारों को मार्केट में इंग्लिश कारतूस के नाम से जाना जाता है। इन हथियारों की खरीद दो बार में की गई थी
फार्म हाउस पर चेक किया गया था हथियारों को
मददगारों ने STF को बताया कि हथियारों की क्षमता देखने के लिए अतिक के परिचित के फार्म हाउस पर सभी हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। यहां इन हथियारों से फायरिंग भी की गई थी।
गुड्डू ने पहले ही कह दिया था, कि वह गोली नहीं चलाएगा, वारदात के दौरान बम फेंकता रहेगा ताकि भीड़ न जुटे और लोग आसानी से भाग जाएं।
अतीक अहमद के दफ्तर में रखा गया था 80 लाख
अतीक अहमद के कहने पर उसके ऑफिस में 80 लाख रुपए रख दिए गए थे। साजिश रचने के दौरान यह तय हुआ था, कि ज्यादा लोगों का नाम नहीं आया, तो इस दफ्तर से जरूरत पड़ने पर इन रुपयों को लिया जा सकता है।
STF के डिप्टी SP का कहना है कि इस संबंध में कई जानकारी जुटाई जा रही है। अभी अतीक से रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ करके कई खुलासे किए जाएंगे।
Published on:
15 Apr 2023 06:29 pm
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