
CoronaVirus : मंदिरों में भगवान को लगाया गया मास्क , महामारी से निपटने के लिए हो रही विशेष पूजा
प्रयागराज | कोराना वायरस को देश के कई राज्यों ने भी कोरोना को महामारी के तौर पर घोषित किया है। कोरोना वायरस के संक्रमण से दो मरीजों की मौत के बाद देश भर में अलर्ट है। संगम नगरी में धर्म और आस्था के इस देश में कोरोना को नष्ट करने के लिए मंदिरों में विशेष अनुष्ठान का भी दौर शुरु हो गया है। शहर के अरैल स्थित श्री नागेश्वर महादेव मंदिर में भी कोरोना से बचाव के लिए लोगों को जागरुक करने के लिए देवी.देवताओं की प्रतिमाओं को मास्क पहनाया गया है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग और मंदिर के बाहर स्थापित नंदी को भी मास्क लगाया गया है।
लोगों को कोरोना वायरस के प्रति सचेत करने के लिए मंदिर के मुख्य द्वार पर बने द्वारपालों को भी मंदिर के पुजारियों ने मास्क लगाया गया है। कोरोना वायरस को नष्ट करने के लिए मंदिरों में विशेष अनुष्ठान और आरती भी करायी जा रही है। मंदिर में देवी देवताओं की प्रतिमाओं को मास्क पहनाये जाने से ऐसा लग रहा है । जैसे वास्तव में देवी देवताओं को कोरोना के संक्रमण का कोई खतरा उत्पन्न हो गया है। जबकि ऐसा नही है, लोगों को जागरुक करने के लिए अखिल भारतीय दंडी सन्यासी परिषद के संस्थापक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने इस तरह का प्रयोग किया है।
उन्होंने बताया की सनातन धर्म में देवी.देवताओं की मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा के बाद उन्हें सजीव माना जाता है। जिस तरह तेजी से कोरोना वायरस देश और दुनिया के कई देशों में फैल रहा हैए उसे देखते हुए लोगों को जागरुक और सतर्क करने की भी जरुरत है। जिसकी शुरुआत धार्मिक स्थलों से की गई है। उनके मुताबिक जिस तरह से सूर्य या चंद्र ग्रहण का देवी देवताओं पर कोई असर नहीं पड़ता है। लेकिन प्रतीकात्मक तौर पर मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। उसी तरह से मंदिर में देवी.देवताओं की प्रतिमाओं पर मास्क लगाया गया है। ताकि मंदिर में आने वाले भक्त भी इससे जागरुक हों और मास्क लगाने के साथ ही साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें।
Published on:
16 Mar 2020 05:23 pm
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