
नेशनल बैडमिंटन चैंपियन सैयद मोदी हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया निर्देश, इस वजह से आरोपियों को नहीं मिली राहत
प्रयागराज: आठ बार नेशनल बैडमिंटन चैंपियन रहे सैयद मोदी हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है। हत्या में शामिल आरोपियों को राहत नहीं मिली है। मामले में एक आरोपी को दी गई उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। सैयद मोदी ने खेल में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भारत देश का प्रतिनिधित्व कर चूंके हैं। मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस सरोज यादव की खंडपीठ ने दिया है।
28 जुलाई 1988 की घटना
जानकारी के अनुसार 28 जुलाई 1988 को मोदी लखनऊ के स्टेडियम के अंदर स्थित बैडमिंटन हॉल में बैडमिंटन खेलने आए थे। खेलने के बाद जब वह स्कूटी से वापस जा रहे थे तो किसी ने जान से मारने की नीयत से उन पर फायरिंग कर दी। गेट पर कैंटीन में काम कर रहे प्रेमचंद यादव एक अलार्म बजाते हुए उनके पास आए और उन्हें बताया कि सैयद मोदी पर फायरिंग करने के बाद दो व्यक्ति सफेद रंग की मारुति कार से भाग रहे थे। घायल अवस्था में सैयद मोदी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को दी गई और हत्या में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। मोदी की हत्या के पीछे संजय सिंह, अमीता कुलकर्णी मोदी, अखिलेश सिंह, अमर बहादुर सिंह, भगवती सिंह उर्फ पप्पू, जितेंद्र सिंह उर्फ टिंकू और बलई सिंह बदमाश थे। इसके बाद आरोपी संजय सिंह और अमिता कुलकर्णी को दोषमुक्त कर दिया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले को बरकरार रखा।
Published on:
30 Jun 2022 05:55 pm
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