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गोरखपुर दंगे के मामले में सीएम योगी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई, अब कोर्ट ने…

गोरखपुर 2007 दंगे मामले में आज यानि शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें योगी आदित्यनाथ, अंजू चौधरी और राधा मोहन को याचिका में पक्षकार

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cm yogi and court

गोरखपुर 2007 दंगे मामले में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई

इलाहाबाद. गोरखपुर 2007 दंगे मामले में आज यानि शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें योगी आदित्यनाथ, अंजू चौधरी और राधा मोहन को याचिका में पक्षकार बनाने की अर्जी दाखिल की गई। लेकिन राज्य सरकार ने पक्षकार बनाने की मांग पर की आपत्ति जाहिर की।


वहीं राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए हाईकोर्ट से समय मांगा है। बता दें कि, हाईकोर्ट ने नौ अक्टूबर तक आपत्ति दाखिल करने की मोहलत दी है। साथ ही कोर्ट ने मीडिया की गलत रिपोर्टिंग पर नसीहत देते हुये कहा कि, गलत रिपोर्टिंग पर कार्यवाई होगी। दरअसल, इस मामले में परवेज परवाज और असद हयात ने याचिका दाखिल की है। जिसकी सुनवाई जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस एसी शर्मा की खंडपीठ कर रही है।

जाने क्या है पूरी कहानी

बात यह है कि, 2007 में 26/27 जनवरी की रात में मोहर्रम जुलुस निकल रहा था। जुलूस में अचानक से दो पक्षों में विवाद शुरू हो गया। कुछ ही पल में यह विवाद खूनी खेल में तब्दील हो गया। पुलिस के हस्तक्षेप के बावजूद मामला बेकाबू हो चला। कोतवाली थानाक्षेत्र के झंकार सिनेमा के पास पुलिस की गाड़ी से राजकुमार अग्रहरि नामक युवक को खींचकर गुस्साई भीड़ ने चाकू मारकर हत्या कर दी। इस हत्याकांड के बाद मामले ने अचानक सांप्रदायिक रंग ले ली। धरना-प्रदर्शन होने लगा। महाराणा प्रताप चौराहा पर बीजेपी के बड़े नेताओं की अगुवाई में सभा हुई। बताया जाता है कि इस सभा में वक्ताओं ने भड़काऊ भाषण दिए। भड़काऊ भाषण देने वालों में तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ भी थे। आरोप लगा कि उनके भाषण के बाद ही दंगे भड़क गए। इस दंगे में राशिद नाम के एक युवक की भी जान गई।



राशिद की मौत के बाद वादी बने परवेज परवाज ने केस दर्ज कराया। वादी के अनुसार वह भाषण के दौरान वहां से गुजर रहे थे। वादी परवेज परवाज ने कैण्ट इंस्पेक्टर को तहरीर देकर विवादित बयान देने और उसके बाद भड़के दंगे में हुई राशिद की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज करने की अपील की। थाने में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो वादी परवेज परवाज ने न्यायालय की शरण ली। इसके बाद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने एवं उन्माद फैलाने की धाराओं सहित 302, 153ए, 153बी, 295, 295बी, 147, 143, 427, 452 के तहत कैण्ट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया।