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यूपी बोर्ड की परीक्षा से पहले छात्रा ने लगाई फांसी ,सुसाइड नोट में लिखा जो पढ़ नही सकता वो जी नही सकता

परीक्षा से डरने की जरूरत नही जिंदगी से बड़ा कोई नंबर नही

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hanged in mp

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प्रयागराज | यूपी बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले हाईस्कूल की छात्रा पूजा यादव ने फांसी लगाकर जान दे दी ।पूजा यादव ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है । जिसमें अपने चाचा चाची को संबोधित करते हुए कहा है कि वह परीक्षा में बैठने के लायक नहीं है। इसलिए वह अपनी जान दे रही हैं। छात्रा केआत्मघाती कदम से पूरे परिवार में मातम छा गया है।

सुसाइड नोट लिखा
पूजा यादव गोरखपुर की औरंगाबाद की रहने वाली थी। वह कर्नलगंज थाना क्षेत्र के मंफोर्डगंज स्थित आबकारी कॉलोनी में अपने चाचा और चाची के साथ रहती थी। बताया जा रहा है कि सोमवार की शाम पूजा घर के ऊपर कमरे में चली गई जहां पूजा दुपट्टे से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। कुछ देर बाद कमरे में गई चचेरी बहन ने देखा तो उसने शोर मचाया। चीख.पुकार सुनकर चाचा समेत आसपास के लोग पहुंचे और पूजा को फंदे से नीचे उतारकर अस्पताल ले गए। जहां पर डॉक्टरों ने पूजा को मृत घोषित कर दिया। पूजा के कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। उसमें लिखा था कि चाचा और चाची आपने मुझे बेटी की तरह पाला है। मैं बोर्ड का पेपर देने लायक नहीं हूं। इसलिए अपनी जान दे रही हूं। जो बच्चा पढ़ नहीं सकता उसे जीने का कोई अधिकार नहीं है। आप लोग खुश रहे चाचा ने पुलिस को बताया कि पूजा की मां दो छोटी बहन और एक भाई औरंगाबाद में रहते हैं। पूजा के पिता स्वर्गीय अनिल यादव की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अरुण त्यागी के मुताबिक प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला है पोस्टमार्टम के बाद स्थिति साफ होगी इस पर कार्यवाही की जाएगी।

जिन्दगी से बड़ा कोई नंबर नही
बोर्ड परीक्षा को लेकर पूजा यादव इतना क्यों डर गई यह सोचने वाली बात है ।हालांकि जिंदगी से बड़ा कोई नंबर और इम्तहान नहीं हो सकता। इसलिए इस तरह का कदम बिलकुल भी नही उठाना चाहिए। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विषय के शोधार्थी अनूप सिंह से पत्रिका ने बात की उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले घबराने की जरूरत नहीं है। नंबर लाने के लिए परीक्षा से डरने की जरूरत नहीं है । इसलिए धैर्य सबसे महत्वपूर्ण है आपको अपने विश्वास को मजबूत रखना होगा। अनूप सिंह कहते हैं कि अभिभावक भी इस बात का ध्यान रखें कि वह बच्चों पर दबाव बिल्कुल ना बनाएं। क्योंकि बच्चों से बड़ा इम्तहान नहीं हो सकता और इम्तहान से बड़ी जिंदगी नहीं हो सकती है। इसलिए धैर्य आपको सफलता दिलाएगी डरने की जरूरत नहीं है।