
Magh Mela 2026: मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या पर खास तैयारी
Magh Mela 2026: प्रयागराज माघ मेले में आने वाले प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2026) और मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2026) को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से मेगा प्लान तैयार किया जा रहा है। CM योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के दूसरे ही दिन से विशेष व्यवस्थाओं पर काम शुरू कर दिया गया है।
इस बार प्रशासन की सबसे अहम तैयारी यह है कि विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग घाटों पर स्नान की व्यवस्था की जाएगी। इससे भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और श्रद्धालुओं को स्नान में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा, यातायात और स्नान व्यवस्था पूरी तरह सुचारु बनी रहे।
मेला क्षेत्र के सेक्टर-4 में झूंसी की ओर सबसे बड़ा ऐरावत स्नान घाट (Airavat Ghat) बनाया जा रहा है, जिसकी लंबाई करीब 850 मीटर होगी।
पार्किंग स्थलों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इन घाटों पर जाने के लिए रूट को डायवर्ट किया जाएगा। जिससे स्नानार्थियों को आसानी से मेला क्षेत्र में पहुंचने में समस्या ना हो। पार्किंग स्थलों के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। जो गाड़ियां पहले आएंगी, उन्हें मेला क्षेत्र के आसपास की पार्किंग तक जाने दिया जाएगा। वहीं इस पार्किंग स्थल के भरने के बाद गाड़ियों को दूर पार्क करने की सुविधा मिलेगी।
| श्रद्धालुओं का क्षेत्र / राज्य | निर्धारित स्नान घाट / सेक्टर |
|---|---|
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| बिहार | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| पश्चिम बंगाल | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| ओडिशा | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| छत्तीसगढ़ | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| झारखंड | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| अरुणाचल प्रदेश | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| असम | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| मणिपुर | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| मेघालय | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| मिजोरम | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| नागालैंड | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| त्रिपुरा | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| सिक्किम | सेक्टर–4 (ऐरावत स्नान घाट) |
| मध्य उत्तर प्रदेश | सेक्टर–1, 2, 5 और 6 |
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | सेक्टर–1, 2, 5 और 6 |
| मध्य प्रदेश | सेक्टर–1, 2, 5 और 6 |
| उत्तराखंड | सेक्टर–1, 2, 5 और 6 |
| दिल्ली-एनसीआर | सेक्टर–1, 2, 5 और 6 |
| हरियाणा | सेक्टर–1, 2, 5 और 6 |
| पंजाब | सेक्टर–1, 2, 5 और 6 |
| राजस्थान | सेक्टर–1, 2, 5 और 6 |
| गुजरात | सेक्टर–4 और सेक्टर–7 |
| महाराष्ट्र | सेक्टर–4 और सेक्टर–7 |
| दक्षिण भारत के राज्य | सेक्टर–4 और सेक्टर–7 |
मेला प्रशासन ने जानकारी दी है कि 13 जनवरी की शाम से मेला क्षेत्र में सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। वहीं मकर संक्रांति स्नान पर्व के चलते 14 और 15 जनवरी को पास प्राप्त वाहनों को भी मेला क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
वहीं 18 जनवरी को मौनी अमावस्या स्नान पर्व को देखते हुए 16 जनवरी की शाम से ही मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू कर दिया जाएगा। मेला क्षेत्र में कुल 42 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां करीब 1 लाख 30 हजार वाहन ही खड़े किए जा सकेंगे।
इसके अलावा माघ मेले के दौरान स्नान घाटों को नो फोटोग्राफी और नो वीडियोग्राफी जोन घोषित किया गया है। संगम सहित कुल 3.69 किलोमीटर क्षेत्र में फैले सभी 16 स्नान घाटों पर फोटो और वीडियो बनाने पर प्रतिबंध रहेगा। मेला प्रशासन के अनुसार मीडिया कर्मियों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति मोबाइल या कैमरे से फोटो अथवा वीडियो बनाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्वों को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ATS सहित अन्य विशेष सुरक्षा टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहेंगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संगम नोज से लेकर मेला क्षेत्र के सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल, PAC और RAF के जवानों की तैनाती की गई है।
मेला क्षेत्र में प्रवेश से पहले सभी प्रवेश द्वारों पर संदिग्ध व्यक्तियों की गहन तलाशी और सत्यापन किया जा रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही श्रद्धालुओं को मेला परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अवांछित घटना को रोका जा सके। निरीक्षक गोपनीय विकास कुमार ने जानकारी दी कि पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी CCTV कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार की जा रही है। संगम समेत सभी स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए NDRF, बाढ़ राहत दल और जल पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है।
इतना ही नहीं मेले में आपात स्थिति से निपटने के लिए 10 इमरजेंसी प्लान लागू किए जाएंगे। मेले में ग्रीन कारिडोर की भी व्यवस्था होगी। 3 जनवरी से शुरू हुआ माघ मेला 44 दिनों तक चलेगा। जिसमे 5 प्रमुख स्नान पर्व अभी बाकी है।
Published on:
12 Jan 2026 10:51 am
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