
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों और आसपास के राज्यों में हो रही वर्षा आफत बनती जा रही है। आसपास के राज्यों में हो रही वर्षा के चलते प्रयागराज में भी बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि से निचले इलाके के लोगों की चिंता बढ़ गई है। विभिन्न राज्यों के बांधों व बैराजों से छोड़ा जा रहा पानी जल्द ही यहां पहुंचने वाला है, जिससे दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ेगा। इसको लेकर जिला प्रशासन की ओर से सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं।
कई दिनों हो रही तेज वर्षा से पड़ोसी राज्यों का पानी विभिन्न बांधों और बैराजों से छोड़ दिया गया है। इसका असर जल्द ही गंगा और यमुना में दिखाई पड़ेगा। वैसे भी यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा में बढ़ोतरी भी शुरू हो गई है। संगम स्थित तीर्थ पुरोहित अपने चौकी व अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे हैं। नाविक भी अपने नावों को सुरक्षित करने में जुट गए हैं।
खोले गए बांध के कई फाटक
उत्तराखंड में तेज वर्षा के चलते टिहरी बांध के कई फाटक खोल दिए गए हैं। हरिद्वार बैराज से भी पानी छोड़ा जा रहा है। नरोरा बांध से भी पानी छोड़ने की सूचना जारी हो गई है। इन तीनों स्थानों से अभी तीन लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है, जो आने वाले समय में बढ़ाया जाएगा। राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश के साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र में में तेज बारिश के चलते यमुना का तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है।
यमुना का जल स्तर प्रति घंटे बढ़ रहा है
हथिनी कुंड बैराज से लगभग दो लाख, माताटीला बांध से डेढ़ लाख तथा चंबल नदी पर स्थित गांधी सागर तथा जवाहर सागर व कोटा बैराज से लगभग दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गुरुवार रात 10 बजे से शुक्रवार रात 10 बजे तक गंगा प्रति घंटे लगभग सवा सेमी तथा यमुना का जल स्तर प्रति घंटे एक सेमी बढ़ रहा था। एडीएम वित्त एवं राजस्व जगदंबा सिंह का कहना है कि बाढ़ की आशंका के मद्देनजर प्रबंध भी कराए जा रहे हैं।
Published on:
16 Jul 2023 04:54 pm
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