
Justice girdhar malviya
प्रयागराज. अयोध्या राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने अपना फैसला सुना दिया है। जिसमें रामलला की जीत हुई है। वहीं मस्जिद के लिए पांच एकड़ की वैकल्पिक जमीन अलग से मुसलमानों को देने का फैसला लिया गया है। यह फैसला 40 दिनों के बाद सभी जजों की सहमति से सुनाया गया। इस फैसले को इलाहाबाद के रियायर्ड जस्टिस गिरधर मालवीय का कहना है कि जजमेंट में पॉजिटिविली यह आ गया है कि यहां मंदिर बनेगा और गवर्नमेंट यहां मंदिर बनवाएगी। जिसके लिए तीन महिने के अंदर ट्रस्ट बनवा दे। इसमें ट्रस्ट निर्मोही अखाड़े को शामिल कर सकते हैं।
उनका कहना है कि मुस्लिम पक्ष यह साबित नहीं कर पाया है कि यहां पहले राम मंदिर नहीं था। 1856 के पहले नमाज पढ़ने का प्रमाण नहीं मिला है। खुदाई में जो अवशेष मिला है वह इस्लामिक नहीं पाया गया है। इसका मतलब यहां पहले मस्जिद नहीं थी। जिसे लेकर यह फैसला लिया गया यहां मंदिर बनेगा और यह मंदिर गवर्नमेंट बनवाएगा। मस्जिद के लिए अपने संविधान 142 का इस्तेमाल के लिए 3 एकड़ जमीन वैकल्पिक जमीन मुस्लिम को दी जाएगी। यह जमीन कहा दी जाएगी यह अथार्ट जमीन पर मिले चाहे कहीं भी दे यह फैसला गवर्नमेंट करेगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस जमीन के किए थे तीन टुकड़े
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसी जमीन के तीन टुकड़े किए थे। उसको सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया था। तीन हिस्से को बताया कि यह पूरा का पूरा राम मंदिर बनेगा।
Published on:
09 Nov 2019 01:29 pm
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