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अग्नि तपस्या के बाद प्रयागराज कुंभ से खालसा अखाड़े की वापसी

बसंत पंचमी से शुरू हुई अग्नि तपस्या ज्येष्ठ मास तक चलती है जो प्रयागराज के बाद और काशी और फिर हरिद्वार होते हुए उज्जैन में समाप्त होगी ।

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Khalsa akhada

खालसा अखाड़ा

प्रयागराज. संगम क्षेत्र में खालसा अखाड़े में अग्नि तपस्या के साथ बुधवार को अखाड़ों की घर वापसी हुई । संगम तट के सेक्टर नंबर 14 में खालसा अखाड़ों के संन्यासियों ने अग्नि तपस्या पूरी कर अपना डेरा उजाड़ दिया।

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खालसा अखाड़े के स्वामी पप्पू नंदू महाराज ने बताया कि यह तपस्या 18 वर्ष की होती है जिसे संत अपने अपने समय अनुसार पूरा करते हैं। बसंत पंचमी से शुरू हुई अग्नि तपस्या ज्येष्ठ मास तक चलती है जो प्रयागराज के बाद और काशी और फिर हरिद्वार होते हुए उज्जैन में समाप्त होगी ।

बता दें कि प्रयागराज में कुंभ का अंतिम शाही स्नान 10 फरवरी को खत्म हो गया है, उसके बाद से अखाड़ों का कुंभ से लौटना शुरू हो गया है । खालसा अखाड़े के संत प्रयागराज से काशी पहुंचेगी जहां वह कुछ दिन प्रवास करेगी ।

BY- PRASOON PANDEY