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किन्नर अखाड़े ने पहली बार बढ़ायी ताकत, बना दिये इतने महामंडलेश्वर व पीठाधीश्वर

12 फरवरी को कई प्रदेशों के किन्नरों को बनाया जायेगा पदाधिकारी, विधिविधान से संस्कार व अनुष्ठान करने के बाद दी जाती है पदवी

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Kinner Akhada

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प्रयागराज. किन्नर अखाड़े का कुनबा तेजी से बढ़ता जा रहा है। देश भर के किन्नरों को अखाड़े से जोड़ा जा रहा है और उनकी योग्यता के अनुसार पदवी भी दी जा रही है। विधिविधान से संस्कार व अनुष्ठान करके ही किन्नरों को नयी पदवी दी जाती है। 12 फरवरी को प्रदेश के कई अन्य किन्नरों को पदाधिकारी बनाने की घोषणा की जायेगी।


किन्नर अखाड़े के लिए प्रयागराज कुंभ बेहद ऐतिहासिक है। पहली बार किन्नर अखाड़े को पेशवाई निकालने का मौका मिला है। दूसरे शाही स्नान मौनी अमावस्या के बाद से किन्नर अखाड़े ने अपना कुनबा बढ़ाना शुरू कर दिया है। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने दिल्ली की महंत पूजा और सोनिया को महामंडलेश्वर की पदवी सौपी है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा कि जल्द ही किन्नर अखाड़े का और विस्तार किया जायेगा।

किन्नर अखाड़े में बने इतने महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर व पीठीधीश्वर
किन्नर अखाड़े में अभी तक दर्जन भर महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर, तीन दर्जन पीठाधीश्वर और पांच दर्जन महंत बनाय जा चुके हैं। किन्नर अखाड़े ने पहले ही ऐलान किया है कि सनातन धर्म से वंचित लोगों को धर्म बदलने से रोकने के लिए ही सारी व्यवस्था की जा रही है। समाज व सरकार दोनों ही ऐसे लोगों को लेकर गंभीर नहीं है। समाज व सरकार की उदासीनता के चलते ही किन्नरों को धर्म परिवर्तन करना पड़ रहा है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। किन्नर अखाड़े ने ऐसे लोगों को खोज कर पदाधिकारी बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। 12फरवरी को प्रदेश के अन्य जिलों के किन्नरों को भी महत्वपूर्ण पद दिया जायेगा।