
पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू होगा माघ मेला ,पहली बार मेले में भिछुक निरोधक दस्ते का गठन
प्रयागराज।संगम नगरी में गंगा यमुना सरस्वती के पावन तट पर पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ तंबूओं का नगर बस जाएगा। पौष पूर्णिमा पर स्नान ध्यान के साथ ही 43 दिन तक चलने वाले माघ मेले की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।पौष मास की पूर्णिमा तिथि से चंद्रमा का संचार मिथुन राशि में होगा । इस राशि में चंद्रमा उपछाया चंद्र ग्रहण से गुजरेगा। धार्मिक दृष्टि से पौष पूर्णिमा काफी महत्व बताया गया है। पौष पूर्णिमा के दिन स्नान दान के साथ ही माघ मास के लिए कल्पवास का व्रत का शुभारंभ कल्पवासी और श्रद्धालु करते हैं। पौष पूर्णिमा से शुरू होने वाला कल्पवास माघी पूर्णिमा एक मास तक चलता है।
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान
संगम तीरे माघ मेला 2000 बीघा क्षेत्रफल से अधिक भूमि पर माघ मेला बसने को बिल्कुल तैयार है। कल्पवासियों का आना शुरू हो गया है। बता दें कि पौष पूर्णिमा सी कल्पवास करने के लिए मध्य प्रदेश बिहार विशेष तौर से मिथिलांचल क्षेत्र के कल्पवासी संगम नगरी पहुंचने लगे हैं। जबकि स्थानीय और कल्पवासी मकर संक्रांति से संगम क्षेत्र पहुंचते हैं। पौष पूर्णिमा बृहस्पतिवार की रात 1:55 से आरंभ होगी 10 जनवरी की रात 1:02 तक रहेगी। ऐसे में शुक्रवार की भोर से ही ब्रह्म मुहूर्त में संगम तट पर स्नान ध्यान पूजन और कल्पवास आरंभ हो जाएग।
सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद
दिव्य भव्य कुंभ के बाद पहले माघ मेले में श्रद्धालुओं को विशेष व्यवस्थाएं देने के लिए मेला प्रशासन जी तोड़ मेहनत कर रहा है । सुरक्षा और स्वच्छता की दृष्टि से मेले में विशेष4इंतजाम किये जा रहे है मेले में पहले स्नान के मद्देनजर 112 डायल व 20 चार पहिया और 25 दोपहिया वाहनों को लगाया गया है । मेले की निगरानी के लिए 175 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं । मेला क्षेत्र में 13 थाने और 38 पुलिस चौकियां स्थापित की गई है। ।माघ मेले क्षेत्र के 6 सेक्टरों को 3 जोन और सात सर्किल में विभाजित किया गया है। हर जोन का इंचार्ज एक एडिशनल एसपी रैंक का अधिकारी होगा तथा हर सर्किल का इंचार्ज एक क्षेत्राधिकारी होगा।
भिछुक निरोधक दस्ता
माघ मेले में पहली बार भिखारियों को मेला क्षेत्र में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी । हालांकि इसके पहले भी कुंभ और अर्ध कुंभ के दौरान भिखारियों को स्नान घाट के आसपास से हटाया जाता रहा है । भिछुको को हटाने के लिए भिछुक निरोधक दस्ते का गठन किया गया है। मेला एसपी पूजा यादव ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर भी और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है । क्योंकि भिखारियों के साथ में अराजक तत्व भी मेले में शामिल हो सकते हैं । मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।
16 घाटों पर स्नान
माघ मेले में कल्प वासियों और श्रद्धालुओं के स्नान के लिए 5 किलोमीटर लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है । जिसमें 16 स्नान घाट बनाए गए हैं। साथ ही माघ मेले में आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साइनेज और घाट एरिया में लगाये गएहैश्रद्धालुओं की मदद के लिए 400 से अधिक साइनेज की व्यवस्था की गई है। इसमें 70 फ़ीसदी दिशात्मक साइनेज और 30 फ़ीसदी सूचनात्मक साइनेज है। इसके अलावा विभिन्न सेक्टरों में स्नान घाट बनाए जा रहे हैं । जो कि लगभग 10000 स्क्वायर फीट के एरिया में है ।
स्नान पर्व
पौष पूर्णिमा के स्नान पर मेला प्राधिकरण ने 10 जनवरी को 32 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान लगाया है । जबकि दूसरा और महत्वपूर्ण स्नान 15 जनवरी मकर संक्रांति को होगा । 24 जनवरी मौनी अमावस्या का स्नान 30 जनवरी बसंत पंचमी 9 फरवरी माह की पूर्णिमा और 21 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान होगा ।
Published on:
10 Jan 2020 01:21 am
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