
प्रयागराज में लगने वाला महाकुंभ मेला 13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक लगेगा। इस मेले में एक से बढ़कर एक साधु-संन्यासी इकट्ठा हो रहे हैं।

किसी ने 32 सालों से नहाया नहीं तो किसी ने 14 सालों से अपना हाथ ऊपर उठा रखा है। वहीं, एक महंत 45 किलो की रुद्राक्ष टोपी पहनते हैं। आइए जानते हैं महाकुंभ में आए उन तपस्वी के बारे में, जो चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

महाकुंभ में आए रुद्राक्षधारी बाबा अपने सिर पर 45 किलो रुद्राक्ष धारण किए हुए हैं। बाबा इसे दिन में 12 घंटे तक सिर पर रखते हैं। बाबा का नाम महंत गीतानंद है और यह पंजाब से आए हैं।

मध्यप्रदेश के हठयोगी राधेपुरी महाराज ने पिछले 12 सालों से अपना दाहिना हाथ ऊपर उठा रखा है।

हरियाणा के हिसार से आए रमेश पुरी उर्फ खड़ेश्वरी महाराज 8 सालों से लगातार खड़े हैं। ये महंत खड़े होकर ही भोजन करते हैं और खड़े- खड़े ही नींद भी पूरी कर लेते हैं।

महाकुंभ में गंगा पुरी महाराज का कद महज 3 फुट 8 इंच है। उन्होंने एक खास प्रतिज्ञा के तहत 32 सालों से स्नान नहीं किया है। वह महाकुंभ में असम से आए हैं।