
Mahakumbh 2025: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले का पहला अमृत (शाही) स्नान 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर होगा, जबकि दूसरा अमृत स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर होगा। पहले शाही स्नान की तैयारियों में मेला प्रशासन पूरी तरह से जुटा हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेला क्षेत्र में पहुंच रहे हैं, और शनिवार को भी उनका आगमन देर रात तक जारी रहा।
पहले स्नान से पहले, मेला प्रशासन ने स्नान के लिए 10.5 किलोमीटर लंबा घाट तैयार किया है। अखाड़ों के संगम में प्रवेश के लिए दो विशेष रास्ते बनाए गए हैं। त्रिवेणी पांटून पुल के एक हिस्से से सभी 13 अखाड़े क्रमवार प्रवेश करेंगे। नागा साधु बैरिकेडिंग के बीच से संगम तक पहुंचेंगे, जबकि उनके वापसी के लिए अलग मार्ग निर्धारित किया गया है। प्रशासन के लिए एक और मार्ग होगा, और आपातकालीन स्थितियों के लिए भी एक रास्ता अलग रखा गया है।
HT की रिपोर्ट के मुताबिक, स्नान पर्व शुरू होने से एक दिन पहले ही लाखों श्रद्धालु मेला क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। मेला प्रशासन का दावा है कि शनिवार शाम तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई है। महाकुंभ के आयोजन को लेकर सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से सुसंगत हो चुकी हैं।
मेला प्रशासन का अनुमान है कि महाकुंभ के सभी प्रमुख स्नान पर्वों पर हर दिन दो करोड़ से अधिक श्रद्धालु आएंगे। पौष पूर्णिमा पर इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद जताई गई है, जबकि मकर संक्रांति पर यह संख्या और भी बढ़ सकती है। मौनी अमावस्या पर तो आठ से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। इन प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्प वर्षा की व्यवस्था भी की गई है।
यहां देखें संगम घाट की तस्वीरें....
Updated on:
12 Jan 2025 12:00 pm
Published on:
12 Jan 2025 11:45 am
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