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143 देशों तक पहुंचे पवित्र अक्षयवट के पत्ते, कलश में पहुंचा संगम का जल

Mahakumbh 2025: प्रयागराज से पवित्र अक्षयवट के पत्ते और संगम का जल दुनिया भर के 143 देशों में भेजा गया। महाकुंभ 2025 के इस विशेष आयोजन के तहत विशिष्ट अतिथियों को यह पावन स्मृति भेंट की गई।

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143 देशों तक पहुंचे पवित्र अक्षयवट के पत्ते, कलश में पहुंचा संगम का जल

Mahakumbh 2025: प्रयागराज के संगम की रेती पर 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ बुधवार को महाशिवरात्रि के आखिरी स्नान के साथ सम्पन्न हो गया। इस दौरान दुनिया भर से आए श्रद्धालुओं और मेहमानों ने सनातन धर्म के इस महान आयोजन का अनुभव किया। महाकुंभ में आए श्रद्धालु संगम की रज और त्रिवेणी का पवित्र जल अपने साथ ले गए। प्रयागराज मेला प्राधिकरण की विशेष पहल के तहत 143 देशों में पवित्र अक्षयवट के पत्ते भेजे गए।

खास मेहमानों के लिए 200 विशेष बॉक्स तैयार

दरअसल, खास मेहमानों के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण की पहल पर 200 विशेष बॉक्स तैयार करवाए गए थे। जिसमें पवित्र अक्षयवट के पत्ते और संगम का जल एक कलश में भरकर रखा गया था। सीडीओ के निर्देश पर एनआरएलएम की टीम ने इस बॉक्स को तैयार किया था।

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73 देशों के राजनयिकों और 70 देशों के अतिथियों को भेंट

महाकुंभ में 73 देशों के राजनयिकों और 70 अन्य देशों से आए अतिथियों को ये पवित्र स्मृति बॉक्स भेंट किए गए, ताकि वे इस धार्मिक आयोजन की पावन अनुभूति अपने देश तक ले जा सकें। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एनएलआरएम के जिला मिशन प्रबंधक शरद कुमार सिंह ने बताया कि किन अतिथियों को यह बॉक्स दिया जाना है इसकी सूची प्रतिदिन उन्हें सीडीओ की ओर से दी गई। जिसके बाद इसे तैयार कराकर मेला प्राधिकरण भेजा जाता था।

चार करोड़ से अधिक विदेशी पहुंचे प्रयागराज

पर्यटन विभाग की ओर से दावा किया जा रहा है कि आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, अमेरिका, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रिका, नेपाल, श्रीलंका सहित अन्य देशों से चार करोड़ से अधिक विदेशी प्रयागराज पहुंचे हैं। अफसरों का कहना है कि यह आंकड़ा 15 फरवरी तक का है। अंतिम तौर पर आकलन के बाद यह संख्या और बढ़ेगी।