
प्रयागराज में सामूहिक हत्याकांड का सिलसिला जारी, पांच सालों में आठ बड़े सामूहिक हत्याकांड, आकड़ें चौकानें वाले
प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज जिला में सामूहिक हत्याकांड का सिलसिला जारी है। पिछले एक हफ्ते में दो बड़े सामूहिक हत्याकांड से दिल दहल उठा है। 16 अप्रैल को नवाबगंज थाना क्षेत्र में एक ही परिवार में पांच लोगों की हत्या की गुत्थी सुलझी नहीं कि ठीक सात दिन बाद थरवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक ही परिवार में पांच सदस्यों की हत्या कर दी गई। सामूहिक हत्याकांड का सिलसिला 2017 से शुरू हुआ और हत्याकांड का राजफाश तक आज तक नहीं हुआ है। जिन हत्याकांड में खुलासा भी हुआ है उसमें भी पुलिस पर सवालिया निशान भी लगे। नवाबगंज थाना और फूलपुर थाना क्षेत्र की घटना को सात सदस्यीय टीम गठित तो कर दी गई है लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। 2017 से लेकर 2022 अबतक आठ बड़े हत्याकांड हुए हैं।
केस-1, एक परिवार में चार सदस्यों की हत्या
साल 2017 में नवाबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत शहावपुर गांव में पहली घटना घटी। एक ही परिवार में चार सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। मृतक मक्खन गुप्ता, उनकी पत्नी मीरा देवी, बेटी वंदना व निशा की सामूहिक हत्या हुई थी। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन बाद में घटना का सही राजफाश होने पर पहले गिरफ्तार किए गए लोग निर्दोष निकले। अब तक केस ठंडे बस्ते में चला गया है।
केस-2, पति-पत्नी समेत बेटी को जिंदा जलाकर हत्या
मार्च 2017 में थरवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत पडिला मंदिर पर शिवरात्रि मेले जे दौरान राजस्थान से दंपति समेत उसकी बेटी को जलाकर मार डाला गया था।मामले में अब जांच जारी है और घटना का खुलासा नहीं हो सका है।
केस-3, नवाबगंज क्षेत्र में तीन लोगों की हत्या
19 मार्च 2018 को हुए सामूहिक हत्याकांड से प्रयागराज दहल उठा था। नवाबगंज थाना क्षेत्र के शहावपुर उर्फ पसियापुर गांव में सुशीला, उसके दो बेटे सुनील व अनिल की हत्या कर दी गई थी। आरोप में एक रिश्तेदार को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मिले तहरीर के आधार पर पुलिस ने जांच किया और नामित अभियुक्तों को जेल भेज दिया।
केस-4 सोरांव क्षेत्र में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या
सात दिसंबर 2018 को सोरांव थाना क्षेत्र के बिगहियां गांव में सरकारी कर्मचारी कमलेश देवी, उसकी बेटी, दामाद प्रताप नरायण के साथ उसके नाती विराट को मौत के घाट उतार दिया गया था। मामले में पुलिस रिश्तेदारों को जेल भेजा है।
केस-5, एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या
पांच जनवरी 2020 को सोरांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत यूसुफपुर गांव में दिल दहला देने वाली घटना घटी थी। एक परिवार के पांच सदस्यों की दर्दनाक हत्या हुई थी। हत्याकांड में विजय शंकर तिवारी, उसकी पत्नी सोनी, सोनू, कान्हा, कुंज की धारदार हथियार से मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में बिहार गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था।
केस-6, होलागढ़ में भी एक ही परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या
2020 में भी सामूहिक हत्याकांड हुआ था। होलागढ़ थाना क्षेत्र के बरई हरख गांव के शुकुलपुर मजरा निवासी पांडेय परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या हुई थी। मृतक विमलेश पांडेय, उनके बेटे प्रिंस, बेटी श्रेया व शीबू की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने पुलिस ने छेमार गैंग के बदमाशों को गिरफ्तार कर मामले का राजफाश किया था।
केस-7, एक परिवार के चार सदस्यों की हत्या
पिछले साल 2021 में फाफामऊ कांड में आज तक किसी तरह का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार तो किया लेकिन अब तक खुलासा नहीं कर सकी। 28 नवंबर 2021 को फाफामऊ क्षेत्र के एक गांव में दंपती और उसके दो बच्चों को कुल्हाड़ी से काट डाला गया था। मामले जांच हुआ तो 17 वर्ष की बेटी के सतज दुष्कर्म का मामला सामने आया था। मामले जांच किया गया तो 11 लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस ने नामजद के अलावा अन्य लोगों को जेल भेज दिया था। पुलिस इस हत्याकांड को लेकर किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
केस-8, एक परिवार में पांच सदस्यों की हत्या
23 अप्रैल 2022 को गंगापार एरिया में एक हफ्ते में यह दूसरी घटना है। थरवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत यादव परिवार में पांच लोगों की बेहरमी से हत्या कर दी गई। परिवार के मुखिया, पत्नी समेत बहु, बेटी और 2 वर्ष की पोती की हत्या हुई। पांच हत्याओं को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। पुलिस ने जांच के लिए सात सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
Published on:
23 Apr 2022 04:59 pm
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