5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Mahant Narendra Giri Death Case: आनंद गिरि दो दिन से भूखा था फिर नहीं खाई जेल की रोटी

Mahant Narendra Giri Death Case- प्रयागराज की नैनी जेल में बंद आनंद गिरि और आद्या तिवारी ने नहीं खाई रोटी, रात भर बैरक में रहे बेचैन

less than 1 minute read
Google source verification
narendra giri death accused anand denies taking food in naini central jail

प्रयागराज. Mahant Narendra Giri Death Case- सोमवार 20 सितंबर को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लाया गया आनंद गिरि 24 घंटे तक पुलिस हिरासत में था। इसके बाद उसे बुधवार की शाम नैनी जेल भेज दिया गया। दो दिन बाद उसे भोजन नसीब हुआ, फिर भी उसने रोटी नहीं खाई। महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद आनंद गिरि और आद्या तिवारी को हाई सिक्योरिटी दी गई है। दोनों अलग-अलग बैरक में बंद हैं और बाकी बंदियों से अलग रह रहे हैं। दोनों पर सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है।

आनंद गिरि और आद्या तिवारी को बीती बुधवार शाम 4:43 पर नैनी जेल में लाया गया था। जेल आते समय दोनों के पास काफी सामान था। सामान में बिस्तर और खाने-पीने की सामग्री शामिल थी। हालांकि, अफसरों ने जेल के गेट पर ही उन्हें रोक लिया और रात में दाल-रोटी और तुरई की सब्जी दी गई। जानकारी मिल रही है कि दोनों ने ही रात के खाने को हाथ नहीं लगाया, क्योंकि दोनों बेचैन थे। शायद वह सोये भी नहीं। बस अपनी बैरकों में टहल रहे थे।

बलवीर गिरि ने क्यों बदला बयान?
महंत नरेंद्र गिरी के कथित सुसाइड नोट में घोषित किए गए उत्तराधिकारी बलवीर गिरि से अभी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की पूछताछ चल रही है। दरअसल, खुद को गद्दी का उत्तराधिकारी बताने वाले बलवीर गिरि अपने बयान से पलट गए थे। पहले उन्होंने कहा था कि वह महंत नरेंद्र गिरि की लिखावट पहचानते हैं और वह सुसाइड नोट उन्होंने ही लिखा था। लेकिन, बाद में उन्होंने कहा कि वह नहीं जानते नरेंद्र गिरि कैसा लिखते हैं और वह नहीं कह सकते कि यह राइटिंग उन्हीं की है।

यह भी पढ़ें : नरेंद्र गिरि की मौत के बाद सामने आया एक वीडियो, फर्श पर मिला महंत का शव, चल रहा था पंखा