29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज, दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

इलाहाबाद के मांडा ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर मंडराने लगा खतरा

2 min read
Google source verification
No confidence motion against Manda Block Pramukh Saroj Yadav

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज

इलाहाबाद. उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने के बाद एक ओर जहां भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लाकर कब्जा जमा रही है। वहीं, इलाहाबाद जिला में मांडा ब्लाक एक ब्लाक है, जहां समाजवादी पार्टी अविश्वास प्रस्ताव पेश कर कब्जा जमाने की तैयारी में है। सपा नेता निशा यादव मांडा के निर्दल ब्लाक प्रमुख सरोज यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की तैयारी में है। एक सितंबर को मांडा ब्लाक प्रमुख के प्रति अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। साथ ही इस पर कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है।

यह भी पढ़ें- पुलिस टीम पर बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, बाल-बाल बचे थाना प्रभारी

पूर्व सीएम अखिलेश यादव की सरकार में जीत हासिल करने से वंचित रहने वाली सपा नेता निशा यादव अब भाजपा सरकार में अपना लक्ष्य साधने की तैयारी में हैं। मांडा ब्लाक प्रमुख चुनाव में सपा प्रत्याशी निशा यादव को निर्दल प्रत्याशी सरोज यादव के हाथों 41 वोट से मुंह की खानी पड़ी थी। लेकिन अब मांडा ब्लाक प्रमुख सरोज यादव की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। ब्लाक प्रमुख के उपचुनाव का खतरा मंडराते देख दोनों पक्षों ने बीडीसी सदस्यों की घेरा बंदी शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीडीसी सदस्यों कि किलेबंदी करने के लिए उन्हें तरह-तरह के प्रलोभन से लेकर टूर पर भी भेजा जा चुका है। सपा समर्थित क्षेत्र पंचायत सदस्य निशा यादव ने आधे से अधिक बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर करवा कर अविश्वास प्रस्ताव के लिए एक पत्र जिलाधिकारी को दिया है।

यह भी पढ़ें- इलाहाबाद विवि की वेबसाइट पाकिस्तानियों ने हैक की, इसके पहले भी कई संस्थानों पर हो चुका है साइबर अटैक

वहीं जिलाधिकारी ने अविश्वास पर चर्चा करने के लिए एक सितंबर की तिथि निर्धारित की है। अब दोनों पक्षों की निगाहें एक सितंबर को होने वाली बैठक पर टिकी है। अविश्वास प्रस्ताव की इस चर्चा को होने में अभी करीब 14 दिन शेष है। ऐसे में दोनों पक्ष के लोग बीडीसी सदस्यों को अपने पक्ष में वोटिंग करने के लिए मिन्नते करते नजर आ रहे हैं। वहीं कुछ बीडीसी सदस्य अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के पहले ही टूर पर चले गए हैं। अब एक सितंबर को अगर चर्चा में निशा यादव के प्रस्ताव के पक्ष में मुहर लगी तो मांडा ब्लाक का उपचुनाव होना तय होगा। वहीं इस चुनाव को लेकर कई दिग्गज भी अभी से हार जीत का समीकरण बैठाने लगे हैं। हालांकि ऊंट किस करवट बैठेगा, ये तो एक सितंबर को तय होगा।

Story Loader