
यूपी बोर्ड परीक्षा 2018
इलाहाबाद. यूपी बोर्ड परीक्षा देने के बाद विद्यार्थियों मंे फेल होने का डर मूल्याकंन के दौरान साफ देखने को मिल रहा है। कई परीक्षार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं के बीच 500, 200, 100 और 50 के नोट नत्थी कर रखे हैं। ताकि काॅपी जांचने वाला शिक्षक उन पर रहम कर पास कर दे।
इस बार यूपी बोर्ड की ओर से आयोजित कक्षा 10वीं व 12वीं में सख्ती के चलते करीब साढ़े 11 लाख परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ चुके हैं। वहीं जिन परीक्षार्थियों परीक्षा नहीं छोड़ी। उसमें से कई ऐसे भी परीक्षार्थी है, जिन्होंने परीक्षा में फेल होने के डर से उत्तर पुस्तिकाओं के पन्नों में नोट नत्थी कर दिए हैं। कुछ ऐसा ही मामला सीएवी इंटर काॅलेज में पिछले दो दिनों के मूल्याकंन के दौरान देखने को मिला।
यहां इंटरमीडिएट के मूल्यांकन के दौरान काॅपी के पन्नों में 500-500 रुपये की नोट नत्थी मिली। इसके अलावा अन्य परीक्षा केंद्रों में भी मूल्यांकन के दौरान कापियों के पन्नों में 200, 100 और 50-50 के नोट नत्थी मिले। परीक्षकों ने इसे बताने के बजाय शांति से अपनी जेब में रख लिया। हालंाकि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पूरी सतर्कता का ध्यान दिया जा रहा है।
मूल्यांकन के पहले ही बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने सभी परीक्षकों को सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही लापरवाही पाए जाने पर परीक्षकों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। मालूम हो कि इस बार यूपी बोर्ड की ओर से आयोजित कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए 6637018 परीक्षार्थियों ने पंजीयन कराया था। इसमें कक्षा 10वीं के 3655691 और 12वीं के लिए 6637018 परीक्षार्थियों ने पंजीयन कराया था।
यूपी बोर्ड की यह परीक्षा 75 जिलों के 8549 परीक्षा केंद्रों पर सम्पन्न हुई। प्रदेश में 1521 संवेदनशील और 566 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। 6 फरवरी से परीक्षा प्रारंभ हुई थी। परीक्षा केंद्रों पर सख्ती के चलते परीक्षा समाप्त होने तक करीब साढ़े 11 लाख परीक्षार्थियों ने यूपी बोर्ड का मैदान छोड दिया। इतनी संख्या में परीक्षार्थियों के परीक्षा छोड़ने से यूपी बोर्ड भी हैरान है। ऐसे में बोर्ड की ओर से इसके कारणों की जांच में जुट गया है।
Published on:
20 Mar 2018 11:05 am
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